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मौसम का पूर्वानुमान एक आम नागरिक के पारिवारिक समारोह से लेकर सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में उपयोगी: रमेन डेका

29 अग, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मौसम का पूर्वानुमान एक आम नागरिक के पारिवारिक समारोह से लेकर सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में उपयोगी: रमेन डेका

मौसम का पूर्वानुमान एक आम नागरिक के पारिवारिक समारोह से लेकर सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में उपयोगी: रमेन डेका

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। शहर के न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में गुरुवार को  मौसम विज्ञान विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका ने किया। उन्होंने कहा कि मौसम का पूर्वानुमान एक आम नागरिक के पारिवारिक समारोह से लेकर तमाम सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में उपयोगी है।

  

राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान में विश्व की सबसे बड़ी समस्या है। हमें इसके प्रतिकूल प्रभावों का सामना करने के लिए ज्यादा सक्षम और तैयार होना होगा। उन्होंने मौसम विज्ञान विभाग की सेवाओं की सराहना की और कहा कि विभाग की अथक सेवाओं की वजह से आज हम प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों का बेहतर तरीके से सामना कर पा रहे हैं।

   

कार्यक्रम में भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंदेल ने मौसम विभाग के सहयोग से कृषि व किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन मौसम विज्ञान केन्द्र रायपुर की प्रमुख अधिकारी सामंति सरकार ने दिया।

इस अवसर पर मौसम विज्ञान विभाग के हितधारक, केंद्र एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी, मौसम वैज्ञानिक और विद्यार्थी उपस्थित थे।


खेती में मौसम विज्ञान का अधिक योगदान

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़, फसलों और कृषि पद्धतियों की विविध श्रृंखला वाला एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य है, जो दक्षिण में बस्तर के पठार से लेकर राज्य के मध्य भाग में महानदी बेसिन के उपजाऊ मैदानों और उत्तरी छत्तीसगढ़ में पहाड़ी क्षेत्र तक भिन्न है। हमारी खेती में मौसम विज्ञान का अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी से बहुत सहायता मिलती है। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह जानकारी अत्यंत उपयोगी है।


पूर्वानुमान की सटीकता में बढ़ोत्तरी हुई है

राज्यपाल ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान की सटीकता में बढ़ोत्तरी हुई है, जो सुनामी, चक्रवात जैसी आपदाओं के दौरान जान-माल की हानि को कम करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि मौसम का पूर्वानुमान एक आम नागरिक के पारिवारिक समारोह से लेकर अनेक सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में उपयोगी है। राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक मौसम की जानकारी और पूर्वानुमान को प्रसारित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्र मौसम केन्द्र द्वारा दी जा रही सेवाओं का लाभ न केवल किसान, बल्कि आपदा प्रबंधन, विमानन, वन संसाधन, शहरी योजना, खनन, परिवहन, स्वास्थ्य, भारतीय वायुसेना, सुरक्षा बल और आम जनता भी उठा रही है।

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