टोक्यो, (आईएएनएस)। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का शुक्रवार को नारा शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गोली लगने के कुछ घंटों बाद निधन हो गया। बीबीसी ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में बताया कि नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल में आबे की देखभाल कर रहे एक डॉक्टर ने कहा कि नेता की मृत्यु 08:03 (जीएमटी) पर हुई।
डॉक्टर ने कहा, साढ़े चार घंटे के उपचार के दौरान, डॉक्टरों ने रक्तस्राव को रोकने की कोशिश की और 100 यूनिट से अधिक रक्त का उपयोग करके रक्त आधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) किया। डॉक्टर ने कहा कि आबे के शरीर पर दो घाव मिले हैं और माना जा रहा है कि उन्हें गोली लगी है, लेकिन सर्जरी के दौरान चिकित्सकों को गोलियां नहीं मिलीं।
67 वर्षीय आबे गोली लगने के तुरंत बाद जमीन पर गिर गए और अस्पताल ले जाने के दौरान उन्हें खून से लथपथ देखा गया। राज्य प्रसारक एनएचके के अनुसार, हमला नारा शहर के यामातोसैदाईजी स्टेशन के पास (स्थानीय समयानुसार) सुबह करीब 11.30 बजे हुआ, जब आबे लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के चुनाव प्रचार के दौरान भाषण दे रहे थे।
नारा शहर निवासी 41 वर्षीय यामागामी तेत्सुया के रूप में पहचाने जाने वाले संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री से असंतुष्ट था और उसे मारने का इरादा रखता था। खोजी सूत्रों ने एनएचके को बताया कि घटनास्थल से जब्त की गई बंदूक हाथ से बनाई गई (पारंपरिक तरीके से) प्रतीत होती है। जापान में इस रविवार को संसदीय चुनाव होने हैं।
बीबीसी ने कहा कि आबे की यात्रा की पुष्टि कल देर रात ही हुई थी, इसलिए संदिग्ध इस बारे में पता लगाने और हमले को अंजाम देने में कैसे कामयाब रहा, यह एक बड़ा सवाल है।
राज्य के प्रसारक एनएचके ने बताया कि टोक्यो में पत्रकारों से बात करते हुए, प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा कि हमला एक घृणित कार्य है, जो एक चुनावी अवधि के दौरान हुआ है, जो लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने कहा, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मैं इस कृत्य की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा, सरकार के लिए किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की तैयारी करना महत्वपूर्ण है। सूत्रों ने कहा कि संदिग्ध ने 2005 तक लगभग तीन साल तक मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के लिए काम किया। आबे 2006 से 2007 तक और फिर 2012 से 2020 तक सेवा देने के बाद जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 2020 में पद छोड़ दिया था।
बीबीसी ने बताया कि बाद में उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें आंतों की बीमारी, अल्सरेटिव कोलाइटिस से राहत मिली है। उनके करीबी पार्टी सहयोगी योशीहिदे सुगा को उनका उत्तराधिकारी बनाया गया था। हालांकि इसके बाद फुमियो किशिदा ने पीएम की जिम्मेदारी संभाली। दुनिया भर के प्रमुख हस्तियों ने इस घटना की निंदा की है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन पर हमले की निंदा की है और साथ ही पीएम मोदी ने शिंजो आबे के लिए एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
--आईएएनएस
एकेके/एएनएम
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

