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UK संसद में बड़ा खुलासा: पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ा जुल्म, 1000 बच्चियों का हर साल होता है अपहरण!
04 जुल, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
UK संसद में बड़ा खुलासा: पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ा जुल्म, 1000 बच्चियों का हर साल होता है अपहरण!

UK संसद में बड़ा खुलासा: पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ा जुल्म, 1000 बच्चियों का हर साल होता है अपहरण!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

लंदन/इस्लामाबाद। ब्रिटेन की संसद में हुए एक विशेष सत्र ने पाकिस्तान के धार्मिक उत्पीड़न की सच्चाई को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप फॉर फ्रीडम ऑफ रिलिजन एंड बिलीफ (APPG FORB) द्वारा आयोजित इस सत्र में बताया गया कि हर साल पाकिस्तान में 500 से 1000 हिंदू और ईसाई लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह करवा दिया जाता है।


सिंध में सबसे ज्यादा मामले, मौलवियों-नेताओं की साठगांठ उजागर

विशेष रूप से सिंध प्रांत को लेकर रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हिंदू और ईसाई समुदाय की नाबालिग लड़कियों को अपहरण के बाद धार्मिक स्थलों के जरिए तस्करी कर जबरन इस्लाम धर्म में शामिल किया जाता है। इसमें स्थानीय मौलवियों, प्रभावशाली नेताओं और राजनीतिक तंत्र की मिलीभगत की बात कही गई।


धार्मिक स्थलों पर हमले और जबरन गायब किए जा रहे अहमदी, शिया मुसलमान

सत्र में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों और चर्चों पर सुनियोजित तरीके से हमले हो रहे हैं, जिनके पीछे सरकार और सेना का अप्रत्यक्ष समर्थन है। शिया और अहमदी समुदायों को भी निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें गायब कर देना, हिंसा और धमकी देना आम बात बन गई है।


सांसदों की मांग – पाकिस्तान के खिलाफ हो अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई

ब्रिटेन के सांसद डेविड स्मिथ और फ्लेर एंडरसन ने इस सत्र में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ मानवाधिकार उल्लंघन नहीं, यह इंसानियत पर हमला है।" उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक मशीनरी के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाएं।


एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच भी सामने आए

एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसे शीर्ष अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस खुलासे के बाद पाकिस्तान से जवाबदेही की मांग की है। भारत सहित कई देशों में सामाजिक संगठनों ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है।


फैक्ट फाइल: पाकिस्तान में हिंदू समुदाय की स्थिति

पाकिस्तान में हिंदू आबादी: लगभग 50 लाख

सिंध में हिंदू परिवार: 93%

हर साल अपहरण: 1000 हिंदू बच्चियां

सिंध के पूर्वी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित

(आंकड़े: पाकिस्तान जनसंख्या विभाग व मानवाधिकार आयोग)


पाकिस्तान सरकार की चुप्पी क्यों?

इस पूरे मसले पर अब तक पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि सरकार और सेना की मिलीभगत के कारण ही ये घटनाएं बढ़ रही हैं।


असहज सवाल जो अब उठ रहे हैं...

क्या पाकिस्तान इस पर आधिकारिक जांच का आदेश देगा?

क्या ब्रिटेन इसे UN में ले जाएगा?

भारत क्या इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगा?

अपहृत लड़कियों और उनके परिवारों की स्थिति क्या है?


पड़ोसी देशों पर असर और भारत की चिंता

भारत में पाकिस्तान से आए शरणार्थियों ने भी ऐसे ही उत्पीड़न की कहानी बताई है। इससे भारत में सामाजिक-सांस्कृतिक तनाव और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।


JSFM और JKGBL ने रखे तथ्य

इस रिपोर्ट में जेय सिंध फ्रीडम मूवमेंट (JSFM) के अध्यक्ष सोहेल अब्रो, जम्मू एंड कश्मीर ग्लोबल ब्रिटिश लीग (JKGBL) के अय्यूब इकबाल और हसम रफीक ने दस्तावेज़ी जानकारी प्रस्तुत की।

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