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कोरोना बना 'वरदान', पहली बार पीड़ित को मिली सूंघने की शक्ति
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कोरोना बना 'वरदान', पहली बार पीड़ित को मिली सूंघने की शक्ति

कोरोना बना 'वरदान', पहली बार पीड़ित को मिली सूंघने की शक्ति

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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लंदन, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। पिछले 2 साल से भी अधिक समय से कोरोना ने दुनिया भर के लोगों को परेशान करके रखा हुआ है। कोरोना संक्रमण होने पर अक्सर लोगों को यह शिकायत रहती है कि उन्हें ना तो किसी चीज का स्वाद मिल पाता है और ना महक मिल पाती है, लेकिन इंग्लैंड की एक 25 वर्षीय महिला के लिए बीमारी वरदान साबित हुई है। उसकी सुनने की शक्ति चमत्कारिक रूप से वापस लौट आई है। 


दरअसल, इस महिला के पास जन्म से ही सुनने की शक्ति नहीं थी। मामला कुछ यूं है कि लंदन की रहने वाली नैंसी सिंम्प्सन को जन्म से ही ये समस्या थी की वो किसी भी चीज को सूंघ नहीं पाती थी। यानी किसी भी चीज की महक उन्हें पता नहीं चलती थी। कोरोना संक्रमण होने से पहले तक उन्हें पता ही नहीं था कि अलग-अलग प्रकार के फूल फूल या फिर परफ्यूम आदि की महक कैसी होती है, लेकिन कोरोना ने उनकी जिंदगी बदल कर रख दी। 

पिछले साल दिसंबर में क्रिसमस के दौरान नैंसी कोरोना से संक्रमित हो गई थी। सामान्य लोगों की तरह ही नैंसी भी धीरे-धीरे ठीक होने लगी। इस दौरान उन्होंने ध्यान दिया कि वह किसी भी चीज को सूंघ पा रही है। यानी उन्हें चीजों की महक पता चल पा रही थी।

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