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डेस्क रिपोर्टर
न्यूयॉर्क, न्यूज वर्ल्ड डेस्क। पिछले दो साल से पूरी दुनिया कोरोना माहामारी के प्रकोप को झेल रही है। इस वायरस ने अचानक से आकर सब बदल दिया। लाखों लोगों लाबारिश हो गए तो कइयों कि जिंदगी बदल गई। अभी इस माहामारी से छूटकारा मिला ही नहीं था की अब वैज्ञानिकों ने समुद्र में 5500 नए वायरस की खोज डाली है। अमेरिका की ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि, कोरोना की तरह ये भी एक RNA वायरस है। इससे चिंता कि बात यह है कि खोजे गए यह वायरस भारत के अरब सागर और हिंद महासागर के उत्तर पश्चिमी इलाकों में भी स्थित है।
बतादें कि हाल ही में इस स्टडी को साइंस जर्नल में दिखाया गया है। वैज्ञानिकों ने वायरस के बारे में पूरी जानकारी बटोरने के लिए और ढूंढने के लिए दुनिया के सभी समुद्रों के 121 इलाकों से पानी के 35 हजार सैंपल्स ले कर आए। जिसके बाद उन्हें जांच में लगभग 5,500 नए RNA वायरस के बारे में जानकारी मिली। इसमें से 5 मौजूदा प्रजातियों और 5 नई प्रजातियों के है।
रिसर्चर मैथ्यू सुलिवान ने बताया कि, लिए गए सैंपल्स के मुताबिक नए वायरस की संख्या बेहद कम है। हो सकता है कि आने वाले समय में लाखों की संख्या में वायरस सामने आए। वैज्ञानिकों का मानना है कि, ये रिसर्च खास तौर पर RNA वायरस को लेकर हुई है, क्योंकि वैज्ञानिकों ने DNA वायरस के मुकाबले इन पर स्टडी थोड़ी कम की है।
रिसर्च के दौरान, पोमीविरिकोटा, टाराविरिकोटा, वामोविरिकोटा, पैराजेनोविरिकोटा और आर्कटिविरिकोटा नाम की 5 नई वायरस प्रजातियां सामने आई हैं। इनमें से टाराविरिकोटा प्रजाति के वायरस दुनिया के हर समुद्र में से समाने आए है।
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