
भोपाल। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और साक्षरता विभाग की ओर से देश भर में विकसित भारत बिल्डाथोन-2025 का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। एमपी से 20000 से अधिक आइडिया और प्रोजेक्ट अपलोड किए गए। प्रदेश पूरे देश में चौथे स्थान पर काबिज रहा।
स्कूल शिक्षा विभाग प्रतियोगिता आयोजन में मुख्य रूप से सहयोग कर रहा। बिल्डाथोन में मध्यप्रदेश के एक लाख 38 हजार 582 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों के समूह बनाकर 34 हजार 655 टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने 20 हजार से अधिक आइडिया और प्रोजेक्ट अपलोड किए। यह आइडिया पूरे देश के 46.73 प्रतिशत के विरूद्ध 57.73 प्रतिशत रहा। मध्यप्रदेश इस मामले में देश में चौथे स्थान पर रहा। देश में पहले स्थान पर उत्तर प्रदेश, दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र और तीसरे स्थान पर असम रहा।
विकसित भारत बिल्डाथोन एक राष्ट्रीय नवाचार आंदोलन है
बिल्डाथोन का अर्थ एक ऐसी प्रतियोगिता है, जहां प्रतिभागी एक निश्चित समय-सीमा में किसी समस्या को हल करने के लिए मिलकर काम करते हैं और कुछ नया बनाते हैं। विकसित भारत बिल्डाथोन एक राष्ट्रीय नवाचार आंदोलन है, जिसका उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह प्रतियोगिता अटल इनोवेशन मिशन और नीति आयोग के सहयोग से आयोजित की गई है। इसका शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सितम्बर माह के चौथे सप्ताह में किया था। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में 4 विषयों आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल और समृद्ध भारत विषय दिये गये थे।
प्रत्येक जिले के लिए जूरी गठित की गई
बिल्डाथोन प्रतियोगिता के अगले चरण में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले के लिए जूरी गठित की गई है, जो जिले से सर्वश्रेष्ठ 2 प्रोजेक्ट या प्रोटोटाइप का चयन करेगी। इस प्रकार प्रत्येक जिले के लिए केन्द्र सरकार की ओर से 2 पुरस्कार दिए जायेंगे। जिला स्तर प्रतियोगिता में विजेता रहे प्रोजेक्ट या प्रोटोटाइप में से राज्य स्तर पर चयन किया जाएगा। राज्य स्तर पर विजेता छात्र अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता में सहभागिता करेंगे।
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