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मानसरोवर समूह के डेंटल और आयुर्वेद महाविद्यालयों के ग्रेजुएशन डे सेरेमनी में 258 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

13 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Vidhan sabha adhyksha narendra singh tomar

Vidhan sabha adhyksha narendra singh tomar

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डेंटल और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में ग्रेजुएशन डे सेरेमनी का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन हॉल में किया गया। इसमें 258 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई। भावी डॉक्टर्स ने चरक शपथ ग्रहण करने के साथ समाज सेवा का भी प्रण लिया।

मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जीवन को सार्थक बनाना है तो सेवा और समर्थन का भाव रखें। यदि आप अपने कृतित्व के प्रति गंभीर हैं तो परिणाम निश्चित ही बेहतर मिलेंगे। विशिष्ट अतिथि हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति लोक कल्याणकारी है। व्यक्ति ईश्वर और गुरु के बाद चिकित्सकों पर सबसे ज्यादा विश्वास करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देश सेवा का भाव रखते हुए इस विश्वास को जीवित रखना। 

 

मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की कुलाधिपति मंजुला तिवारी, प्रतिकुलाधिपति इंजीनियर गौरव तिवारी ने अतिथियों के साथ मिलकर कार्यक्रम का विधवत शुभारंभ किया। इसके बाद मानसरोवर के प्रो-चांसलर डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय, आयुर्वेद संचालक डॉ. बाबुल ताम्रकार, कुलगुरु डॉ. एएस यादव और डेंटल प्राचार्य डॉ. गुरुदत्त नायक, श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसिन की प्राचार्या डॉ. मनीषा राठी की उपस्थिति में मानसरोवर आयुर्वेदिक कॉलेज हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के प्राचार्य डॉ. अनुराग सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को चरक शपथ दिलाई।

 

कार्यक्रम के अंत में मानसरोवर समूह के आयुर्वेद संचालक डॉ. बाबुल ताम्रकर ने आभार व्यक्त किया गया। संचालन मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर कर्नल एचआर रूहील और चीफ एडमिन ऑफिसर सचिन कुमार जैन के निर्देशन में किया गया। इस दौरान सभी कॉलेज के डीन, प्राचार्य, एचओडी सहित विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।

 

टीचिंग, प्रीचिंग और मेडिकल ये तीनों विषय सेवा के हैं

आरोग्य भारती के संगठन सचिव डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि टीचिंग, प्रीचिंग और मेडिकल ये तीनों विषय सेवा के हैं। अन्य क्षेत्रों में सेवा का भाव भले ही कम हो गया है लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा का भाव आज भी जीवित है। इससे पहले मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलाधिपति गौरव तिवारी ने अतिथियों के लिए स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का दिन मानसरोवर परिवार के लिए ऐतिहासिक दिन है।



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