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भोपाल में मतदाता सूची से कटे 4.38 लाख नाम, अब तक सिर्फ 41 हजार नए आवेदन

20 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में मतदाता सूची से कटे 4.38 लाख नाम, अब तक सिर्फ 41 हजार नए आवेदन

भोपाल में मतदाता सूची से कटे 4.38 लाख नाम, अब तक सिर्फ 41 हजार नए आवेदन

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनावी तस्वीर तेजी से बदल रही है। 23 दिसंबर को जारी प्रारूप में एक साथ 4 लाख 38 हजार नाम काटे जाने से हड़कंप मच गया था, लेकिन नए नाम जोड़ने की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी रही। प्रशासन को अनुमान था कि एक लाख से अधिक लोग आवेदन करेंगे, मगर अब तक सिर्फ 41 हजार 367 फार्म ही जमा हुए हैं। आवेदन की अंतिम घड़ी करीब आते ही मतदाता केंद्रों पर हलचल तेज हो गई है।


22 जनवरी को थम जाएगी आवेदन प्रक्रिया

जिले की बैरसिया, उत्तर, नरेला, मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नाम कटने के बाद नए मतदाताओं से बड़ी संख्या में आवेदन आने की उम्मीद थी। लेकिन अब तक आंकड़ा अनुमान से आधा भी नहीं पहुंचा है। निर्वाचन कार्यालय ने नाम जोड़ने की अंतिम तिथि 22 जनवरी शाम पांच बजे तय की है। इसके बाद किसी भी प्रकार के नए फार्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


नो-मैपिंग मतदाताओं की चल रही सुनवाई

पांच जनवरी से वार्ड और तहसील कार्यालयों में 1 लाख 16 हजार 925 नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई शुरू की गई है। इन मतदाताओं से उम्र के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज मांगे जा रहे हैं ताकि सही पहचान सुनिश्चित की जा सके। यह प्रक्रिया 14 फरवरी तक चलेगी, जिसके बाद तय होगा कि किसका नाम सूची में जोड़ा जाएगा और किसे हटाया जाएगा। उपजिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता के मुताबिक सभी बीएलओ अंतिम तिथि तक अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहकर आवेदन लेंगे।


संशोधन के लिए आए 30 हजार से ज्यादा फॉर्म

पुनरीक्षण के दौरान केवल नाम जोड़ने ही नहीं, बल्कि सूची से नाम हटाने के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं। अब तक दो हजार से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से नाम विलोपित कराने का फार्म भरा है। 23 दिसंबर से 22 जनवरी के बीच कुल 30 हजार 66 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें फार्म-8 के माध्यम से नाम, पिता या पति के नाम तथा पते में सुधार के प्रकरण शामिल हैं। सभी आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।


प्रशासन की अपील—समय रहते करें आवेदन

निर्वाचन विभाग का कहना है कि जिन नागरिकों के नाम गलती से कट गए हैं, वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें। सही दस्तावेजों के साथ बीएलओ या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। समय पर प्रक्रिया पूरी न करने पर आगामी चुनावों में मतदान का अधिकार प्रभावित हो सकता है।

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