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77वां गणतंत्र दिवस: उज्जैन में CM मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, बोले—'मध्यप्रदेश बनेगा देश का विकास मॉडल'

26 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
77वां गणतंत्र दिवस: उज्जैन में CM मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, बोले—'मध्यप्रदेश बनेगा देश का विकास मॉडल'

77वां गणतंत्र दिवस: उज्जैन में CM मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, बोले—'मध्यप्रदेश बनेगा देश का विकास मॉडल'

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

उज्जैन। आज पूरा मध्य प्रदेश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। प्रदेश की राजनीति और प्रशासन के दो बड़े केंद्र—उज्जैन और भोपाल—देशभक्ति के रंग में रंगे नजर आए।


उज्जैन में मुख्यमंत्री ने फहराया तिरंगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृह नगर उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने शिप्रा तट के पास राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जो शहर के लिए ऐतिहासिक क्षण बन गया।


विकास का रोडमैप बताया

सीएम मोहन यादव ने संबोधन में कहा की, भारत के 77 वें गणतंत्र दिवस के मंगल अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आज राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव सशक्त हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व-गुण के फलस्वरूप यह संभव हुआ है। आज संपूर्ण विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है। इस पावन अवसर पर मैं भारत माता की आजादी के लिए हँसते-हँसते सूली चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।


उन्होंने कहा, यशस्वी प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए पूरे विश्व में भारत की श्रेष्ठ छवि बनाई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के विकास के लिए आव्हान किया है। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, किसानों को समृद्ध बनाने के लिए मुख्य फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों का उत्पादन 344 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425 लाख मीट्रिक टन हो गया है। मध्यप्रदेश टमाटर, धनिया, लहसुन और संतरा उत्पादन में प्रथम है। इसी तरह पुष्प उत्पादन, सीताफल, प्याज, हरी मटर, नींबू और लाल मिर्च उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है।


सीएम ने कहा, वर्ष 2002-03 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का बजट 600 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2024-25 में बढ़ाकर 27 हजार करोड़ से अधिक किया गया। "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की दिशा में प्रदेश में कृषि विकास का बहुआयामी मॉडल तय किया गया है, जिसमें 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन से प्रदेश को विशेष श्रेणी में उत्कृष्ट पुरस्कार मिला। मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में हमारा प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है और निजी भागीदारी भी बढ़ रही है। डेढ़ लाख से अधिक मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में लगभग ढाई हजार हेक्टेयर जलक्षेत्र की निजी भूमि में तालाब निर्माण और मत्स्य बीज उत्पादन के कार्य हुए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा, हमारा प्रदेश आने वाले समय में देश की दुग्ध राजधानी बनेगा। पशुपालन का कार्य किसानों और पशुपालकों के लिए लाभ का माध्यम बने, इसके लिए बहुमुखी प्रयास किए जा रहे हैं। निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए गौशालाओं में प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपये के स्थान पर 40 रुपये प्रदाय की गई है। इस वित्त वर्ष में गौशालाओं के लिए बजट प्रावधान 250 से बढ़ाकर 505 करोड़ किया गया है। प्रदेश में लगभग 3 हजार गौशालाएँ पौने पाँच लाख गौमाताओं की देखभाल का दायित्व निभा रहीं हैं। सीएम ने कहा, मध्यप्रदेश में छोटे और मझौले उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। यदि उद्यम सफल हो जाए तो वह साधारण से व्यक्ति को भी सक्षम बना देता है और जहाँ सक्षम व्यक्ति उद्योग लगा ले तो उस क्षेत्र के विकास का नक्शा ही बदल जाता है। उद्योग हमारे लिए मंदिरों के समान हैं, जो रोज़गार रूपी आशीर्वाद देते हैं। प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत खादी ग्रामोद्योग की 572 इकाइयों को बैंकों के माध्यम से राशि उपलब्ध करवाई गई। इससे 2 हजार 560 शिल्पियों को रोज़गार मिला।


मुख्यमंत्री ने कहा, सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अब तक 2 हजार 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को 742 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई। वर्षों से लंबित निवेश प्रस्तावों का समाधान संभव हुआ है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में हितग्राहियों को लगभग पाँच सौ करोड़ से अधिक का ऋण दिया गया, जिससे स्वरोज़गार और उद्यमिता को नई गति मिली। उन्होंने कहा, आपको बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के पूर्व नक्सलवाद की समाप्ति का कार्य किया गया है। मध्यप्रदेश में माओवादी नक्सली तत्वों का खात्मा कर दिया गया है। नक्सलियों ने या तो आत्मसमर्पण कर दिया है या फिर वे मुठभेड़ में मारे गए हैं। समर्पित नक्सलवादियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। समाज में शांति व्यवस्था बनी रहे इस उद्देश्य से आवश्यक बल प्रदेश भर में पदस्थ किया गया है। प्रदेश में नशे के विरूद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।


सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का आव्हान किया है। इसके लिए सभी राज्यों को भागीदारी देनी है। अच्छी कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के फलस्वरुप विकास की गति तेज होती है। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाते हुए अपराधिक तत्वों पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। गरीबों को सिर पर छत उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में गत वर्ष 11 लाख से अधिक आवास मंजूर किए गए। इनमें से 4 लाख से अधिक आवास बनकर तैयार हो गए हैं। इस वर्ष हम लगभग सवा पांच लाख आवास गृह बनाएंगे। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना के माध्यम से 20 हजार से अधिक बसाहटों तक सड़क की सुविधा ले जाने का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इस कार्य के लिए 21 हजार करोड़ से अधिक राशि की मंजूरी दी गई है।


सीएम ने कहा, अन्य पिछड़े वर्ग के युवाओं को रोज़गार देने के उद्देश्य से प्रदेश के साथ देश और विदेश तक भेजने के लिए योजनाएँ संचालित हैं। हाल ही में 21 युवाओं को रोज़गार के लिए विदेश में भी नियोजित किया गया है। जापान और अन्य देशों में हमारे युवा अपनी प्रतिभा से स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार ने जनजातीय समाज के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श विद्यालयों का लाभ 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिल रहा है। कक्षा 11वीं और 12वीं के दो लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों का उपयोग निरंतर बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2012 में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 491 मेगावाट थी जो अब 9 हजार 508 मेगावाट हो चुकी है। मुरैना में प्रदेश की पहली ऊर्जा भंडारण परियोजना शुरू हो रही है जिसकी विश्व बैंक ने भी प्रशंसा की है। सरकार किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की महती योजना पर कार्य कर रही है। प्रदेश में 30 लाख विद्युत पम्प को सोलर पंप में परिवर्तित कराने का लक्ष्य है। 


सीएम ने कहा, प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर हो गया है। भविष्य में भी विद्युत के क्षेत्र में प्रदेश आत्मनिर्भर बना रहे, इसलिए विद्युत उपलब्ध क्षमता में 1 हजार 806 मेगावाट की वृद्धि का कार्यक्रम है, जिसमें से 851 मेगावाट क्षमतावृद्धि हासिल की जा चुकी है। प्रदेश में गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय की जा रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर योजना का लाभ दिलवाया गया। प्रदेश के लगभग सात लाख से अधिक किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपये की भावांतर राशि का भुगतान किया गया है।


सीएम ने कहा, प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि द्वितीय चरण में प्रस्तावित सांदीपनि विद्यालयों की क्षमता एक हजार विद्यार्थी से अधिक होगी। इन पर 360 करोड़ रुपये व्यय होंगे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण परिवर्तन लाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में युवाओं को उच्च शिक्षा सरलता से उपलब्ध कराने के साथ ही उसे लाभप्रद, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक बनाने का लक्ष्य है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल लर्निंग और नवीन शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।


सीएम ने कहा, खनन क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार तथा बेहतर प्रशासनिक दक्षता के लिए भारत सरकार द्वारा जारी स्टेट माइनिंग रेडिएंस इंडेक्स की कैटेगरी-ए में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। सरकार ने खनन क्षेत्र में अनेक एमओयू किए हैं। कोल इंडिया लिमिटेड के साथ क्रिटिकल मिनरल की खोज के लिए एमओयू किया गया है। प्रदेश में एआई आधारित मानव रहित चेक गेट स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 25 जिलों के 40 स्थानों पर ई-चेक गेट स्थापित किए जा चुके हैं। 


सीएम ने कहा, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर "विकसित मध्यप्रदेश@2047" दृष्टिपत्र का विमोचन किया गया, जो प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी के "विकसित भारत@2047" संकल्प के अनुरूप प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की दिशा तय करेगा। जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 313 विकासखंडों में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।


उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जहाँ नागरिकों को अधिसूचित सेवाएँ प्रदाय करने की कानूनी गारंटी दी गई है। जिलों और तहसीलों में लोकसेवा केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के अभियान के अंतर्गत डेढ़ करोड़ लोगों को डिजिटल हस्ताक्षरित रंगीन प्रमाण पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।


इंदौर–उज्जैन–भोपाल को जोड़कर एक मेट्रोपॉलिटन सिटी कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। सरकार अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों को विधिक सहायता दे चुकी है। सांदीपनि आश्रम को भव्य धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। स्कूलों की ड्रॉप-आउट दर शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है।


भोपाल में राज्य स्तरीय समारोह

राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया गया। यहां राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने तिरंगा फहराया और 22 प्लाटून की संयुक्त परेड की सलामी ली।


झांकियों में दिखी विकास यात्रा

समारोह में सुरक्षा बलों, छात्र संगठनों और स्वयंसेवी दलों ने अनुशासन और देशभक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही 22 विभागों की आकर्षक झांकियों के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रस्तुत किया गया।

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