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भभूत समझकर खा ली मंदिर में रखी चूहे मारने की दवा, 12वीं की छात्रा की इलाज के दौरान मौत

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भभूत समझकर खा ली चूहे मारने की दवा, 12वीं की छात्रा की इलाज के दौरान मौत

भभूत समझकर खा ली चूहे मारने की दवा, 12वीं की छात्रा की इलाज के दौरान मौत

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के ईटखेड़ी इलाके से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पूजा के बाद भभूत समझकर चूहे मारने की दवा खाने से 12वीं की छात्रा की मौत हो गई। परिवार को जब तक पूरी बात समझ में आई, तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। अस्पतालों में कई दिनों तक चले इलाज के बाद आखिरकार सोमवार सुबह छात्रा ने दम तोड़ दिया।


मंदिर में रखी दवा को समझ बैठी भभूत

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान वैष्णवी सेन (17) के रूप में हुई है, जो लांबाखेड़ा इलाके की रहने वाली और एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। बताया गया है कि 26 जनवरी को घर में पूजा के बाद उसकी मां ने चूहों की समस्या के कारण मंदिर में चूहा मारने की दवा रख दी थी। कुछ देर बाद वैष्णवी ने पूजा की और वहीं रखी पाउडरनुमा दवा को भभूत समझकर खा लिया।


कोचिंग से लौटने पर बिगड़ी तबीयत

दवा खाने के बाद वैष्णवी कोचिंग के लिए चली गई। घर लौटने पर उसे उल्टियां होने लगीं और तबीयत अचानक खराब हो गई। जब परिजनों ने उससे पूछा तो उसने बताया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई थी। इस पर मां ने बताया कि वह भभूत नहीं बल्कि चूहा मारने की दवा थी। यह सुनकर परिवार के होश उड़ गए और तुरंत उसे भानपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया।


हालत बिगड़ी, हमीदिया में भर्ती

घर लौटने के बाद कुछ दिनों तक छात्रा की तबीयत ठीक नहीं रही। हालत फिर से खराब होने पर उसे तीन दिन पहले हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।


बोर्ड परीक्षा से पहले बुझ गया सपना

परिजनों के अनुसार, वैष्णवी की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होने वाली थीं। घर में पढ़ाई का माहौल था, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

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