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नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ में मध्यप्रदेश का वीर जवान शहीद

19 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ में मध्यप्रदेश का वीर जवान शहीद

नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ में मध्यप्रदेश का वीर जवान शहीद

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित राजनांदगांव के घने जंगलों में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में एमपी हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद हो गए। 2016 बैच के प्लाटून कमांडर रहे आशीष शर्मा मूल रूप से नरसिंहपुर जिले के बोहानी के निवासी थे। वे अपनी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे और भारत सरकार से दो बार वीरता पदक भी प्राप्त कर चुके थे।


गोलाबारी के बीच वीरता का अद्वितीय उदाहरण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बोरतलाव इलाके से लगे कंघुर्रा के जंगलों में सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। इस दौरान एमपी हॉक फोर्स की टीम भी ऑपरेशन में शामिल थी। जैसे ही टीम का सामना नक्सली हमलावरों से हुआ, दोनों तरफ से लगातार गोलाबारी शुरू हो गई। इसी गोलीबारी के दौरान इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को गोली लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल डोंगरगढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


संयुक्त टीम ने शुरू किया था ऑपरेशन

नक्सलियों की आवाजाही और सक्रियता की सूचना मिलने के बाद, एमपी-महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान यह मुठभेड़ हुई, जिसमें इंस्पेक्टर आशीष शर्मा ने अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।


CM डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने X (ट्विटर) पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “आज मप्र हॉक फोर्स के निरीक्षक आशीष शर्मा नक्सलियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की संयुक्त टीम द्वारा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जंगलों में नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अभूतपूर्व वीरता और साहस का प्रदर्शन किया। नक्सल उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्हें पूर्व में कर्तव्य के दौरान अदम्य साहस, असाधारण बहादुरी प्रदर्शित करने के लिए दो बार भारत सरकार द्वारा वीरता पदक से सम्मानित किया गया था।”


दो बार वीरता पदक से हो चुके थे सम्मानित

इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को उनके साहस और अदम्य जज्बे के लिए भारत सरकार द्वारा दो बार वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। वे हमेशा फ्रंटलाइन पर तैनात रहने वाले, निडर और समर्पित अधिकारी माने जाते थे।


राष्ट्र हमेशा याद रखेगा उनका बलिदान

आशीष शर्मा का यह बलिदान न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। उनका साहस, समर्पण और वीरता आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षाकर्मियों को प्रेरित करती रहेगी।

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