
भोपाल के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अब कश्मीर की डल झील जैसा नज़ारा भोपाल के बड़े तालाब में देखने को मिलेगा। आज से यहां 20 शिकारे एक साथ पानी में उतरेंगे, जो शहरवासियों और देशभर से आने वाले पर्यटकों को एक नया और खास अनुभव देंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे सुबह 9 बजे उद्घाटन
शिकारा सेवा का औपचारिक उद्घाटन आज सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बड़े नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी विशेष रूप से शामिल होंगे। इस आयोजन में बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के विधायकों को आमंत्रित किया गया है।
उद्घाटन के बाद आम लोगों के लिए खुलेगा शिकारा
उद्घाटन समारोह के बाद शिकारा सेवा आम लोगों के लिए भी शुरू कर दी जाएगी। नागरिक उसी दिन से बड़े तालाब में शिकारे की सवारी का आनंद ले सकेंगे। नगर निगम को उम्मीद है कि यह सेवा भोपाल के पर्यटन को नई पहचान दिलाएगी और शहर की खूबसूरती को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रचार मिलेगा।
पहले भी हुआ था सफल प्रयोग
नगर निगम ने इससे पहले 13 जून 2024 को प्रायोगिक तौर पर एक शिकारा बड़े तालाब में उतारा था। लोगों की ओर से बेहतर प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब एक साथ 20 शिकारे शुरू किए जा रहे हैं। यह फैसला परीक्षण सफल रहने के बाद लिया गया है।
NGT की रोक के बाद नई व्यवस्था
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने करीब 10 महीने पहले, 12 सितंबर को बड़े तालाब में क्रूज और मोटर बोट पर रोक लगा दी थी। इसके बाद केवल सामान्य नावों का संचालन हो रहा था। शिकारा सेवा को पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में शुरू किया गया है।
किराया और समय तय होने की अंतिम प्रक्रिया में
जानकारी के अनुसार शिकारे सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक चलाए जाएंगे। प्रति व्यक्ति संभावित किराया करीब 150 रुपये हो सकता है। एक सवारी में शिकारा लगभग 2.3 किलोमीटर का चक्कर लगाएगा और तालाब के बीच स्थित टापू के पास तक पहुंचेगा। हालांकि, अंतिम किराया गुरुवार को उद्घाटन के समय घोषित किया जाएगा।
प्रदूषण रहित तकनीक से बनाए गए हैं शिकारे
सभी 20 शिकारे पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हैं। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरेथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से किया गया है। यह सामग्री पानी के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती, जिससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता को कोई खतरा नहीं होगा।
विदेशी संस्था ने किया निर्माण
इन शिकारों का निर्माण एक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त संस्था द्वारा किया गया है, जिसने केरल, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में पहले भी पर्यटकों के लिए शिकारे तैयार किए हैं। इस संस्था का अनुभव नए प्रोजेक्ट को विश्वस्तरीय बनाने में मददगार साबित होगा।
सिर्फ सैर नहीं, मिलेगा पूरा पर्यटन अनुभव
शिकारा सवारी के दौरान पर्यटकों को बर्ड वॉचिंग का भी मौका मिलेगा। इसके अलावा दूरबीन की व्यवस्था की गई है। पर्यटक स्थानीय हैंडीक्राफ्ट उत्पाद खरीद सकेंगे, ऑर्गेनिक फल और सब्जियां ले सकेंगे और यात्रा के दौरान स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे।
भोपाल पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
पर्यटन विभाग और नगर निगम को उम्मीद है कि शिकारा सेवा से भोपाल की पर्यटन छवि और मजबूत होगी। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के अलावा स्थानीय नागरिकों के लिए भी यह एक नया आकर्षण बनेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहर की पहचान और सशक्त होगी।
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