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जानापाव में 17.41 करोड़ रुपए से बनेगा भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक : डॉ. मोहन यादव

19 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
जानापाव में 17.41 करोड़ रुपए से बनेगा भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक : डॉ. मोहन यादव
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव में भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जा रहा है। इसकी लागत 17.41 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री आज जानापाव (महू) में आयोजित 'परशुराम प्रकटोत्सव' में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के लिए मंगल कामना करेंगे। 


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जानापाव की महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित अनूठी प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। वे स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भी सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और संदेश को आमजन तक पहुंचाने के लिए श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।


संस्कृति विभाग और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से आयोजित भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के भव्य समारोह में कला और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में विख्यात गायक सवई भट्ट व उनके दल की ओर से मनमोहक भक्ति गायन प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, पंडित विजय शंकर मेहता की रचित और वीरेंद्र कुमार के निर्देशन में 'परशुराम नाट्य लीला' का सजीव मंचन भी होगा। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रहेगा।


भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक में स्थापित होंगी कांस्य प्रतिमाएं 

भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक में भगवान श्रीपरशुराम और श्रीकृष्ण की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। जानापाव में पत्थर और धातु से बने 30 फीट ऊँचे द्वार का निर्माण किया जाएगा। कथा और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए कथा मंच का निर्माण किया जाएगा। लोक के प्रांगण में 4 गजीबो, व्यू पाइंट, लैंड स्केपिंग, पाथ-वे और अन्य विकास कार्य भी किये जाएंगे। 


लोक में एक भव्य संग्रहालय बनेगा, 5 दीर्घाएं होंगी

भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक में एक भव्य संग्रहालय बनेगा, जो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन पर आधारित होकर पौराणिक महत्व को प्रदर्शित करेगा। लोक में 5 दीर्घाएं होंगी। इसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा, स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा और ध्यानदीर्घा होंगी। इनमें भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण की विभिन्न कलाओं को दर्शाया जाएगा।

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