
विश्व पर्यटन नगरी के रूप में पहचान बना चुके मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक बार फिर सिनेमा का उत्सव शुरू होने जा रहा है। खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का 11वां संस्करण 16 दिसंबर से 22 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश की चयनित फिल्मों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे।
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में होगा आयोजन
खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के संयोजक एवं प्रयास प्रोडक्शन के निदेशक राजा बुंदेला ने जानकारी दी कि इस वर्ष का आयोजन दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के शिल्पग्राम परिसर में किया जा रहा है। यह महोत्सव पिछले एक दशक से लगातार आयोजित हो रहा है और सिनेमा प्रेमियों के बीच अपनी खास पहचान बना चुका है।
धर्मेंद्र और असरानी को समर्पित रहेगा फेस्टिवल
राजा बुंदेला के अनुसार, खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का 11वां संस्करण दिवंगत प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र और अभिनेता असरानी को समर्पित रहेगा। फेस्टिवल में मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे आयोजन का आकर्षण और बढ़ने की उम्मीद है।
सात टोपरा टॉकीज बनेंगी आकर्षण का केंद्र
इस बार महोत्सव के लिए कुल सात टोपरा टॉकीज बनाई जाएंगी। इनमें से एक टोपरा टॉकीज बमीठा क्षेत्र में भी स्थापित की जाएगी। इन विशेष टोपरा टॉकीज में प्रतिदिन देश और विदेश की चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, हर शाम मुख्य मंच पर सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
देश-विदेश की फिल्मों का होगा प्रदर्शन
फिल्म फेस्टिवल के दौरान देश और विदेश से आई चयनित फिल्मों को दर्शकों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रदर्शनों में कलाकारों, निर्माताओं और निर्देशकों की उपस्थिति के साथ-साथ बड़ी संख्या में फिल्म प्रेमी, पर्यटक और स्थानीय दर्शक भी शामिल होंगे।
खजुराहो तक सीधी फ्लाइट न होना बनी चुनौती
राजा बुंदेला ने बताया कि खजुराहो को मुंबई से सीधे जोड़ने वाली फ्लाइट की सुविधा नहीं होने के कारण फिल्म जगत के बड़े सितारों और नामी निर्माता-निर्देशकों को यहां लाना एक चुनौती रहता है। इसके बावजूद वे हर वर्ष इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अब बुंदेली जनता भी इस आयोजन से भावनात्मक रूप से जुड़ने लगी है।
स्थानीय प्रतिभाओं को मिला नया मंच
खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ने बुंदेलखंड की कई स्थानीय प्रतिभाओं को नया मंच और पहचान दी है। इस आयोजन के जरिए कई कलाकारों की किस्मत बदलने का मौका मिला है। फिल्म जगत के दिग्गज शेखर कपूर, बोनी कपूर, चंद्रप्रकाश सिंह और मणिरत्नम जैसे नामी फिल्मकार खजुराहो और आसपास के क्षेत्रों में रुचि दिखा चुके हैं या यहां फिल्मों की शूटिंग कर चुके हैं।
बुंदेलखंड युवाओं के लिए बना अवसर
आज ओरछा, चित्रकूट और खजुराहो जैसे स्थान मुंबई और फिल्म उद्योग के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बन चुके हैं। हिंदी फिल्म उद्योग का यह बढ़ता जुड़ाव बुंदेलखंड के युवाओं के लिए आजीविका का मजबूत साधन बन रहा है और बुंदेली रंगमंच, कला, साहित्य और सिनेमा से जुड़े युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
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