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सागर में बीजेपी की बड़ी सियासी सुलह! वर्षों के कटु प्रतिद्वंद्वी एक रथ पर साथ — हेमंत खंडेलवाल ने कर दिखाया कमाल

27 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सागर में बीजेपी की बड़ी सियासी सुलह! वर्षों के कटु प्रतिद्वंद्वी एक रथ पर साथ — हेमंत खंडेलवाल ने कर दिखाया कमाल

सागर में बीजेपी की बड़ी सियासी सुलह! वर्षों के कटु प्रतिद्वंद्वी एक रथ पर साथ — हेमंत खंडेलवाल ने कर दिखाया कमाल

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। सागर की सियासत में बुधवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लंबे समय से एक-दूसरे को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानने वाले दो बड़े बीजेपी नेता — मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह सालों बाद पहली बार एक मंच पर नहीं बल्कि एक रथ पर साथ बैठे नज़र आए। और इस बदलाव का श्रेय सीधे-सीधे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दिया जा रहा है, जो बुधवार को अपने पहले सागर प्रवास पर पहुंचे।


“मन का मैल” धुला, गुटबाजी का अंत?

जैसे ही खंडेलवाल सागर पहुंचे, तस्वीरें और माहौल दोनों बदलते चले गए। पहले दिन का माहौल भले ही कटुता वाले होर्डिंग्स और नारेबाजी की वजह से गुटबाजी को साबित कर रहा था, लेकिन शाम होते-होते दो कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे के मेजबान बनते दिखाई दिए। बैठकों के बाद मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निवास पर भूपेंद्र सिंह पहुंचे। इसके बाद खंडेलवाल के साथ दोनों नेता भूपेंद्र सिंह के निवास पहुंचे। दोनों ने एक-दूसरे के यहां भोजन भी किया। जिस सागर में यह तस्वीर कल्पना जैसी लगती थी — वह बुधवार को हकीकत बन गई।


“पहला प्रवास है, कल से दिखेगा बदलाव” : खंडेलवाल

मीडिया से बातचीत में प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “सागर जिले में मेरा पहला प्रवास है। पार्टी में सब ठीक चल रहा है। कोई गुटबाजी नहीं है। कल आप खुद बात करना और फिर मुझसे बात करना।” उनके इस बयान को सागर बीजेपी का टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है।


बंद कमरे में सख्त सीख

सूत्रों के अनुसार, पार्टी कार्यालय में सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्षों की बैठक में खंडेलवाल ने सख्त संदेश दिया की- गुटबाजी छोड़ें, आपसी मतभेद खत्म करें और समाज में गलत संदेश नहीं जाना चाहिए कि भाजपा में खींचतान है। उन्होंने साफ कहा — “भाजपा में संगठन ही सबसे ऊपर है।”


सुबह के माहौल में गुटबाजी साफ नजर आई

बुधवार की सुबह सागर की राजनीति ऐसा संकेत दे रही थी जैसे बीजेपी के भीतर खींचतान अब खुलकर सड़क पर उतर आई हो। शहर में लगे होर्डिंग्स में नेताओं की तस्वीरें अलग-अलग थीं, एक-दूसरे की फोटो गायब कर दी गई थी। माहौल ऐसा था कि पार्टी के भीतर दो खेमे स्पष्ट दिख रहे थे—जो पहले से प्रतिद्वंद्विता और दूरी के लिए जाने जाते रहे हैं। यह माहौल साफ बता रहा था कि सागर में गुटबाजी अपने चरम पर है।


दोपहर — तस्वीरें बदलने लगी

जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, हवा बदलती महसूस होने लगी। मोतीनगर चौराहे पर जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे, भूपेंद्र सिंह पहले से ही उनके वाहन में मौजूद थे। इसके बाद एक ऐसा नजारा सामने आया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी—प्रदेशाध्यक्ष, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह एक ही रथ पर सवार होकर पार्टी कार्यालय रवाना हुए। वर्षों की दूरी के बाद यह पहला मौका था जब दोनों नेता किसी सार्वजनिक मंच पर साथ दिखे और कैमरों के लिए सहजता से पोज़ दिए।


शाम — मेल-मिलाप के साथ राजनीति में नई पारी

दिन के अंत तक वह तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी थी जो सुबह तक टकराव दिखा रही थी। पार्टी बैठक के बाद नेताओं के रिश्तों में अचानक गर्माहट दिखी। बुधवार की शाम ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया कि प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के पहले ही प्रवास ने सागर की सियासत में निर्णायक बदलाव ला दिया है। सुबह जहां खेमेबाज़ी दिखाई दे रही थी, वहीं शाम तक मेल-मिलाप और एकजुटता की तस्वीर सामने आ चुकी थी।

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