
भोपाल। इंदौर के विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलिएंट कन्वेशन सेंटर में बैठक संपन्न हुई। इसमें इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि इंदौर मेट्रो का प्रमुख हिस्सा भूमिगत होगा, इसके लिए प्रदेश सरकार 900 करोड रुपए देगी।
बैठक में मेट्रो परियोजना के रूट निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि मूल प्रस्ताव संशोधित होने के बाद भी समस्याएं बनी रहीं। सुझाव आया कि मेट्रो के मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत किया जाए। मुख्य हिस्से को भूमिगत करने के लिये निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए लगभग 900 करोड़ रुपये का भार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इंदौर के भविष्य को देखते हुए लिया गया है ताकि मेट्रो का अधिकतम लाभ जनता को मिले और यातायात प्रबंधन बेहतर हो।
बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागी होकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, मेट्रोपॉलिटीनरिजन, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी और इंदौर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी महानगरों में शामिल होगा।
इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भविष्य की दृष्टि से विस्तारित करने का निर्णय
इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भविष्य की दृष्टि से विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य को ध्यान में रखते हुए इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर–मक्सी क्षेत्रों के साथ जोड़कर लगभग 14,000 वर्ग किलोमीटर का मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में 5 से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन,एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, उज्जैन और रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन इन्हें आधार बनाकर इंदौर को देश का बड़ा व्यापार, उद्योग, पर्यटन हब बनाने की योजना है।
स्टार्टअप पार्क- अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर स्थापित होगा
बैठक में एमआर-10 के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया। बताया गया कि केंद्र सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने को तैयार है। यह इंदौर को मध्य भारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर को नई दिल्ली के भारत भवन के तर्ज पर विकसित किया जाए। बताया गया कि कन्वेंशन सेंटर की लागत 550 से 600 करोड़ के लगभग है। इसे तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका संचालन पीपीपी के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसकी इंडोर क्षमता 5 हजार और आउट डोर क्षमता 10 हजार रहेगी।
मंत्रियों ने भी दिए अपने सुझाव
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित विधायकगणों आदि ने भी अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इंदौर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिये किये जा रहे कार्यों और नवाचारों की जानकारी दी।
इनकी रही बैठक में उपस्थिति
विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय नीरज मण्डलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सुखवीर सिंह, संभागायुक्त इंदौर संभाग डॉ. सुदाम खाड़े, कमिश्नर नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे, सचिव गृह अभिषेक सिंह, एमडी मेट्रो कृष्ण चैतन्य, एमडी एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला, आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार मौजूद थे।
यह भी तय किया गया
. एलिवेटेड कॉरिडोर की यह परियोजना इंदौर शहर के यातायात के लिए अतिमहत्वपूर्ण है। इसका निर्माण जल्द शुरू किया जाए।
. हुकुमचंद मिल परियोजना का क्रियान्वयन जल्द शुरू होगा। इस मिल की भूमि का पंजीयन मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नाम पर हो गया है। भूमि हस्तांतरित कर दी गयी है।
. पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुर्नघनत्वीकरण के लिए निर्णय लिया गया।
. इंदौर शहर को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए निर्णय लिए गए। इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापना,उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने,ई-बस प्रोजेक्ट संचालित करने,स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने आदि पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
. पीएम ई-बस सेवा का संचालन होगा। इसके तहत 270 ई-बसें चलाई जाएंगी। यह बसें आगामी मार्च माह से शहर में चलना शुरू हो जायेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
. शहर की झुग्गी बस्तियों के पूर्ण पुनर्वास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर स्थायी आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाए जाएंगे। वर्तमान में 10 स्थानों के लिये डीपीआर तैयार की जा रही है।
. इंदौर में एस्ट्रोटर्फ मैदान, नए खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह शहर को खेल महाकुंभ और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का केंद्र बनाएगा
. बायपास के दोनों ओर 543 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सर्विस रोड़ निर्माण का निर्णय भी लिया जाएगा।
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