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MP के 1.25 लाख शिक्षकों को बड़ी राहत, हर महीने बढ़ सकता है 4 से 5 हजार का वेतन, कैबिनेट में आज आएगा चौथा समयमान वेतन प्रस्ताव

13 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP के 1.25 लाख शिक्षकों को बड़ी राहत, हर महीने बढ़ सकता है 4 से 5 हजार का वेतन, कैबिनेट में आज आएगा चौथा समयमान वेतन प्रस्ताव

MP के 1.25 लाख शिक्षकों को बड़ी राहत, हर महीने बढ़ सकता है 4 से 5 हजार का वेतन, कैबिनेट में आज आएगा चौथा समयमान वेतन प्रस्ताव

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सालों से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत बनने के बेहद करीब है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो मध्य प्रदेश के करीब 1.25 लाख शिक्षकों की सैलरी हर महीने 4 से 5 हजार रुपये तक बढ़ सकती है। सरकार मंगलवार को कैबिनेट बैठक में चतुर्थ समयमान वेतनमान (Fourth Pay commission proposal) का प्रस्ताव ला रही है और उम्मीद है कि इस पर मुहर लग जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही 5 सितंबर को इस फैसले का ऐलान कर चुके हैं, लेकिन अब यह प्रस्ताव औपचारिक रूप से कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। शिक्षक संगठनों से लेकर विभागीय अधिकारियों तक, सभी की नजर आज होने वाली बैठक पर टिकी है।


चौथा समयमान वेतनमान क्या है?

समयमान वेतनमान का मतलब है कि किसी पद पर लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को बिना प्रमोशन के भी वेतन में बढ़ोतरी का लाभ दिया जाए। अभी प्रदेश में अधिकांश शिक्षक तृतीय समयमान वेतनमान तक ही पहुंच पाए हैं। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 35 साल की सेवा पूरी कर चुके लगभग 1.25 लाख शिक्षक अभी तीसरे समयमान वेतनमान पर हैं। इनमें से कई शिक्षक ऐसे हैं, जो 5 से 8 साल से चौथे समयमान वेतनमान का इंतजार कर रहे हैं। प्रस्ताव पास होने पर इन्हें हर महीने 4 से 5 हजार रुपये तक अतिरिक्त वेतन मिलेगा।


अभी किन्हें मिल रहा है चौथा समयमान?

फिलहाल मध्य प्रदेश में प्राचार्य और व्याख्याता (Lecturer) ही ऐसे पद हैं, जिन्हें चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ मिल रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक इस दायरे से बाहर थे, जिसको लेकर लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी। शासकीय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि अगर यह प्रस्ताव कैबिनेट से पास हो जाता है तो यह प्रदेश के इतिहास में शिक्षकों के लिए सबसे बड़ा वेतन संबंधी फैसला होगा। इससे न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि मनोबल भी बढ़ेगा।


सीएम मोहन यादव का वादा अब होने जा रहा पूरा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर मंच से चतुर्थ समयमान वेतनमान देने का ऐलान किया था। उसके बाद से ही शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव पर काम कर रहा था। अब सरकार इसे औपचारिक रूप से कैबिनेट में रखने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग से सहमति मिल चुकी है। शिक्षा विभाग ने सभी आंकड़े और बजट प्रावधान तैयार कर लिए हैं। प्रस्ताव को लेकर कैबिनेट में सहमति बनने की पूरी संभावना है। अगर प्रस्ताव पास हो जाता है तो नए वेतनमान की प्रक्रिया जल्द ही लागू कर दी जाएगी।


थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को भी बड़ी राहत

कैबिनेट में सिर्फ शिक्षकों से जुड़ा फैसला ही नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए भी राहत की खबर है। मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), मध्य प्रदेश और मेदांता फाउंडेशन, नई दिल्ली के बीच एमओयू साइन किया है। इस एमओयू के तहत थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को अब नि:शुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी। पहले चरण में इंदौर, उज्जैन और देवास जिलों के मरीजों की पहचान की गई है। इससे बच्चों को बार-बार खून चढ़ाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और स्थायी इलाज संभव हो सकेगा। यह कदम प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में मील का पत्थर माना जा रहा है।

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