
इंदौर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। 29 साल की एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म देकर मेडिकल इतिहास में खास जगह बना ली है। इंदौर का धार रोड इलाका खुशियों से झूम उठा, जब शबनम नाम की महिला ने एक साथ तीन बेटियों और एक बेटे को जन्म दिया।
धार रोड स्थित अस्पताल में कराया गया सुरक्षित प्रसव
संयोग नगर, धार रोड निवासी शबनम, पति शाहिद मंसूरी को क्लॉथ मार्केट स्थित पारमार्थिक ट्रस्ट के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. फरहत पठान और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता गुप्ता के निर्देशन में कराया गया।
संस्था के पदाधिकारियों का बयान
संस्था के अध्यक्ष गिरधर गोपाल नागर और मंत्री रजनीश चौरडिया ने पूरे मामले की जानकारी खुद दी। उन्होंने कहा, "सभी नवजातों और मां की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें चोइथराम अस्पताल रेफर किया गया है।"
IVF से हुआ इलाज, जन्मा था अनोखा संयोग
डॉक्टरों के अनुसार महिला का इलाज IVF पद्धति से किया जा रहा था। IVF प्रक्रिया के बाद एक साथ चार बच्चों का जन्म हुआ, जो बेहद दुर्लभ माना जाता है।
नवजात बच्चों का वजन इस प्रकार बताया गया है:
एक बच्चे का वजन: 700 ग्राम
अन्य तीन का वजन: 1 किलो से 1.2 किलो के बीच
डॉक्टरों की टीम की खास निगरानी में सभी बच्चों का इलाज चल रहा है।
मध्य प्रदेश में पहले भी आया था ऐसा मामला
इससे पहले मध्य प्रदेश के दमोह जिले में भी ऐसा मामला सामने आया था, जहां रेवती विश्वकर्मा, पत्नी ललित विश्वकर्मा ने एक साथ तीन बच्चों — दो बेटियां और एक बेटे — को जन्म दिया था।
सुबह 4 बजे शुरू हुई पीड़ा, 8:30 बजे जन्मे बच्चे
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन रेवती को तेजगढ़ उप-स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। दमोह जिला अस्पताल में सुबह 8:30 बजे तीनों शिशुओं का जन्म हुआ। तीनों बच्चे जन्म के समय सामान्य स्थिति में थे, हालांकि एक बच्चे का वजन कम होने के कारण उसे SNCU वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार मां की हालत भी पूरी तरह सामान्य है।
मध्य प्रदेश में बढ़ रहा IVF और हाई रिस्क डिलीवरी का ट्रेंड
प्रदेश में IVF तकनीक से सफल प्रसव के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की वजह से अब हाई रिस्क डिलीवरी भी सुरक्षित होती जा रही है।
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