
भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। तेज सर्दी के बीच दोपहर की धूप राहत देने का काम कर रही है लेकिन अब एक बार फिर से अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो दिन बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार नजर आ रहे हैं जो काफी स्ट्रांग माना जा रहा है। इसके असर से दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कमी आएगी और तेज सर्दी का दौर शुरू होगा। वहीं बीते 24 घंटों की बात करें तो मध्यप्रदेश के बड़े शहरों में राजधानी भोपाल का अधिकतम तापमान 26.8 और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा इंदौर का न्यूनतम तापमान 9.6, उज्जैन का न्यूनतम तापमान 9.4 और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 9.8 रहा जबकि 5.8 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे सर्द रहा।
20 से ज्यादा जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कमम
मध्यप्रदेश में सीजन की शुरुआत से ही अब तक कड़ाके की सर्दी का दौर बना हुआ है।सोमवार को भी प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया।मौसम विभाग के अनुसार 2-3 दिन बाद प्रदेश के उत्तरी हिस्से में मावठा भी गिर सकता है। ठंड के लिहाज से जनवरी का महीना मध्य प्रदेश में काफी अहम माना जाता है।मौसम विभाग के मुताबिक इस साल भी यह सिलसिला जारी रहेगा। जिस तरह अभी तक पहाडों में बर्फबारी का सिलसिला चल रहा है उसके असर से पूरे महीने प्रदेश में हाड़ कंपाने वाली ठंड रह सकती है।साथ ही आखिरी सप्ताह में कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है।
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