
भोपाल। मध्यप्रदेश की जेलों में निरुद्ध मानसिक रूप से बीमार एवं तनावग्रस्त बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुधार की दिशा में जेल विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर की विशेष के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के बीच साइको-सोशल काउंसलिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए ज्ञापन समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू के तहत जेल विभाग की ओर से चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर भेजकर मास्टर ट्रेनर कोर्स कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये अधिकारी-कर्मचारी जेल विभाग में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करते हुए अन्य जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइको-सोशल काउंसलिंग का प्रशिक्षण देंगे। इससे प्रदेश की जेलों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझने, तनावग्रस्त बंदियों की पहचान करने और उन्हें आवश्यक मनो-सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा।
इस पहल के प्रथम चरण में केन्द्रीय जेल भोपाल में जेल विभाग का पहला साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अनुभव एवं परिणामों के आधार पर इस कार्ययोजना को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को केवल कारावास तक सीमित न रखते हुए उनके मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन एवं सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि सुधारात्मक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
जेल मुख्यालय, भोपाल में आयोजित एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा, उप महानिरीक्षक (कल्याण) एमआर पटेल, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात की ओर से डॉ. नूरिन चौधरी (एक्टिंग डायरेक्टर), डॉ. गीतेश कुमार सिंह (प्रोजेक्ट डायरेक्टर), प्रदीप रूसिया (असिस्टेंट डायरेक्टर), तनु पी. चंदेल, शुभम जैन सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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