
भोपाल। श्रम विभाग की ओर से 9 फरवरी को 'बंधक श्रम उन्मूलन दिवस' पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उद्घाटन सुबह 10 बजे श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। कार्यशाला में राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का विमोचन भी होगा। इस दिन से प्रदेश में बंधक श्रम (बंधुआ मजदूरी) कराने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलेगा।
श्रम मंत्री मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की पहल पर विभाग ने बाल एवं बंधक श्रम को रोकने और जागरुकता लाने एक विशेष 'वेदा पहल' की शुरुआत की है। श्रम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कार्यशाला का उद्देश्य कानून, नीति और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे राज्य में बाल और बंधुआ श्रम के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
इन उद्देश्यों से कराई जा रही कार्यशाला
1. बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राज्य एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसमें अधिनियम के अंतर्गत निरीक्षण, पहचान, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।
2. बंधुआ श्रम (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के क्रियान्वयन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिनियम की उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों पर विचार किया जाएगा।
3. नई चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।
4. राज्य एक्शन प्लान के माध्यम से विभागीय समन्वय, प्रवर्तन व्यवस्था एवं जनजागरूकता को सुदृढ़ करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी।
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