
भोपाल। मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश को तरस रहे मध्यप्रदेश के लिए अगस्त का महीना सुखद संदेश की तरह साबित हो रहा है।जून और जुलाई में बारिश को कमी के चलते जहां सूखे जैसे हालात पैदा हो गए थे वहीं सावन की शुरुआत से लगी झड़ी के चलते अब स्थिति में सुधार होता दिखाई दे रहा है।पिछले 4-5 दिनों तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को तरबतर करने के बाद अब मानसूनी सिस्टम पूर्वी हिस्से को भिगाने को तैयार है। मौसम विभाग ने गुरुवार को शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है वहीं भोपाल,इंदौर,सीहोर,रायसेन,राजगढ़,विदिशा, मंदसौर,शाजापुर,बैतूल,छिंदवाड़ा,सिवनी,बालाघाट,पांढुर्णा,डिंडौरी,मंडला,बालाघाट,बैतूल,जबलपुर, कटनी,उमरिया,सागर,पन्ना,भिंड,दतिया, दमोह,छतरपुर, टीकमगढ़,निवाड़ी,गुना,अशोक नगर,विदिशा,नर्मदापुरम, उज्जैन,नीमच,आगर-मालवा सहित 53 जिलो में तेज और हल्की बारिश होने की संभावना है।
12 जिलों में सामान्य ज्यादा पहुंचा बारिश का आंकड़ा
पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश होने से प्रदेश में बारिश की कमी में सुधार देखने को मिला है।अब तक 12 जिलों भोपाल,गुना,सीहोर,राजगढ़,ग्वालियर,भिंड,अनूपपुर,बुरहानपुर,बड़वानी,खंडवा खरगोन और देवास में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है वहीं 53 जिलो में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है।प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना के चलते इन आंकड़ों में और भी सुधार होने की उम्मीद है। बारिश के लिहाज से इस साल अगस्त का महीना काफी महत्वपूर्ण है।इस महीना बारिश का दौर जारी रहने से प्रदेश में खाली पड़े जलाशयों के भरने की संभावना है जिससे पूरे साल जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। हालांकि मानसून सीजन अगले माह भी जारी रहता है लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश का दौर कम ही देखने को मिला है इसलिए अगस्त के बाकी दिनों में सबकी नजर मानसून की गतिविधियों पर टिकी हुई है।
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