
भोपाल। ‘आजकल की शिक्षा व्यवस्था ऐसी है कि युवाओं की बैटरी जल्द लो हो जाती है। वह आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं। यदि आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया तो बैटरी बैकअप बढ़ जाएगा। नौकरी चली गई तो दोबारा पा सकते हैं। जीवन चला गया तो उसे दोबारा नहीं पा सकते। युवाओं की मानसिक मजबूती के लिए आध्यात्मिक ज्ञान अर्जन करना जरूरी है।’
ये उदगार प्रख्यात कथावाचक व धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने शनिवार को बावड़िया कला के रुद्राक्ष किंगस्टन परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में व्यक्त किए। शालिग्राम डेवलपर्स रुद्राक्ष किंग्सटन के सहयोग से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन देवकीनंदन ठाकुर महाराज भागवत के महात्म्य बताया। साथ ही व्यास-नारद संवाद और कुंती स्तुति के प्रसंग का मनोहारी वर्णन किया।
महाराज जी ने कहा कि हम काल का ग्रास बनने के लिए हर पल आगे बढ़ रहे हैं। काल के गाल से बचने के लिए श्रीमद् भागवत कथा पुराण का श्रवण करना चाहिए। उनके गाए ' मेरे प्रभु जानते हैं बात घट-घट की', 'नैनों से तीर चलाए रे हमारे सांवरिया', ' मेरा मन पंछी बोले, उड़ वृंदावन जाऊं ' भजनों श्रोता जमकर झूमे। पहले दिन की कथा में हजारों की संख्या में श्रोता पहुंचे।
योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने किया दीप प्रज्जवलन
कथा शुभारंभ धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज के साथ योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व वरिष्ठ प्रचारक राजेंद्र दीक्षित और कथा के आयोजक और यजमान शालिग्राम डेवलपर्स के सीएमडी देवेंद्र चौकसे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे और समस्त शालिग्राम परिवार ने भागवत जी की आरती की।
संसार में वही सुखी है जिसने ठाकुर जी से प्रेम कर लिया
देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा 'हमारे दु:ख का कारण मन है। हम औकात से ज्यादा चाहत करते हैं और उसके न मिलने पर दुखी होते हैं। जबकि सत्य यह है कि हम अपने मन से एक पत्ता भी नहीं हिला सकते। संसार में वही सुखी है जिसने ठाकुर जी से प्रेम कर लिया। हमें चाहिए कि अपना कर्म करते हुए खुद को भगवान को समर्पित कर दें। श्री कृष्ण जी के चरण पकड़ लेंगे तीनों प्रकार के ताप नष्ट हो जाएंगे।'
कल से बिना तिलक लगाए के कथा पंडाल में प्रवेश नहीं
महाराज जी ने कहा कि रविवार से पंडाल में वही लोग प्रवेश कर सकेंगे, जो तिलक लगाकर पहुंचेंगे। जो तिलक नहीं लगाएगा वह घर से ऑनलाइन कथा का श्रवण कर सकता है। उन्होंने कहा बिना तिलक के कोई पूजा ठाकुर को स्वीकार नहीं करते। हमने बिना टोपी से किसी मुसलमान भाई को नमाज करते नहीं देखा। अपने संस्कार और संस्कृति को बचाकर रखने की जरूरत है। आपसे ही आपकी आने वाली पीढ़ी सीखेगी।
लाल कपड़ा पहनने से कोई बाबा नहीं बन जाता
धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने प्रसंग के दौरान कहा कि जब से बीजेपी की सरकार आई है हर कोई लाल कपड़ा पहनने लगा है। लाल कपड़ा पहनने से कोई बाबा नहीं बन जाता है। वस्त्र से किसी के गुणों की पहचान नहीं की जा सकती है। जींस पहनने वाले भी यदि हृदय से दयालु हैं तो वह बाबा हैं।
प्रेमानंद महाराज की वजह से वृंदावन की भक्ति हो गई जवान
धर्माचार्य जी ने कहा कि प्रेमानंद महाराज की वजह से वृंदावन की भक्ति जवान हो गई है। उनको सुनकर युवा भक्ति मार्ग पर जा रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा वृंदावन पहुंच रहे हैं। वृंदावन में किशोरी जी की कृपा के बिना कोई पहुंचता नहीं। प्रेमानंद जी की छाती बढ़ाने के साथ वृंदावन में आनंद बरसने लगा है।
अभी भी हम मानसिक रूप से अंग्रेजों के गुलाम
धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि कर्मों व पित्रों पुत्रों के रुष्ट होने की वजह से हमें सर्वाधिक कष्ट उठाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी हम मानसिक रूप से अंग्रेजों के गुलाम हैं। हमने उन्हीं की संस्कृति ग्रहण कर ली है। मां-बाप पृथ्वी पर ना भी तो भी वह आशा करते हैं कि हम शुभ कर्म करें। जिस पर पितृ प्रसन्न हों उन पर भगवान की कृपा सहज हो जाती है।
मंच की भव्यता निहारते रहे श्रद्धालु
कथा मंच को भव्य मंदिर का स्वरूप प्रदान किया गया है। इसकी भव्यता श्रद्धालु निहारत रहे। वहीं, प्रवेश द्वार पर श्री बांके बिहारी जी को विराजमान किया गया है। श्रद्धालु ठाकुर जी के दर्शन करते हुए पंडाल में पहुंचे।
कथा में कल
महाराज जी 14 जून की कथा में कपिल-देवहूति संवाद, सती चरित्र और ध्रुव चरित्र की कथा का वर्णन करेंगे। आयोजक देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे और समस्त शालिग्राम परिवार ने श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।
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