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MP में अवैध कॉलोनियों पर अब गांव तक कार्रवाई! 50 लाख तक का जुर्माना, 7 साल जेल का प्रावधान

24 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP में अवैध कॉलोनियों पर अब गांव तक कार्रवाई! 50 लाख तक का जुर्माना, 7 साल जेल का प्रावधान

MP में अवैध कॉलोनियों पर अब गांव तक कार्रवाई! 50 लाख तक का जुर्माना, 7 साल जेल का प्रावधान

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध कॉलोनियों पर अब सरकार शहरों के साथ गांवों में भी शिकंजा कसने जा रही है। नगरीय विकास विभाग ने नियमों में ऐसा बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे गांवों में भी कॉलोनाइजरों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। नया संशोधित कानून जल्द शासन को भेजा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों को इसमें शामिल करने के लिए राजस्व विभाग ने भी सहमति दे दी है।


अवैध कॉलोनी बनाने वालों के दिन पूरे!

सरकार नियमों में ऐसे सख्त बदलाव कर रही है कि:

 ✔ जुर्माना 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख किया जा रहा

 ✔ 7 साल से 10 साल तक की जेल (पहले 3-10 साल थी)

 ✔ जमीन ढहाकर कब्जे में ले सकेगा निकाय

 ✔ सभी कार्रवाई पर समय सीमा तय


अब यह देना होगा —

पार्षद, सरपंच, बिल्डर, डेवलपर, भू-स्वामी

पुलिस और प्रशासन के अधिकारी


हर किसी की जिम्मेदारी तय होगी

अवैध कॉलोनी की जानकारी मिलते ही:

➡️ पार्षद/सरपंच अधिकारी को सूचना दें

➡️ अधिकारी 15 दिन में FIR कराना होगा

➡️15 दिन में नोटिस देकर जमीन मूल स्वरूप में लाने के निर्देश

➡️ कॉलोनाइजर न माने → जमीन ढहाई जाएगी और निकाय विकास करेगा


जिले में बनेगी “टास्क फोर्स”

कलेक्टर टास्क फोर्स बनाएंगे —

हर सप्ताह निरीक्षण

लगातार रिपोर्टिंग

कार्रवाई में लापरवाही पर अफसरों पर भी अनुशासनात्मक कदम


शहरों के साथ गाँव क्यों लाए गए दायरे में?

मास्टर प्लान वर्षों से अटके

प्लानिंग एरिया सीमित

शहरों से लगे गांवों में कॉलोनियों की बाढ़

पंचायत के नाम पर अनियोजित कब्जा

निगरानी तंत्र फेल

इसका नतीजा—

 ➡ भविष्य में शहरों पर बोझ

 ➡ बेतरतीब विकास का खतरा


कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए, “अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए।” नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने इसे ग्रामीण क्षेत्र तक बढ़ाने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा, “नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगले साल नए नियम लागू हो सकते हैं।”

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