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इंदौर के बाद अब भोपाल में जल संकट का ज़हर: नलों से निकल रहा बदबूदार लाल पानी, ई-कोलाई से कांप रही राजधानी

09 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
इंदौर के बाद अब भोपाल में जल संकट का ज़हर: नलों से निकल रहा बदबूदार लाल पानी, ई-कोलाई से कांप रही राजधानी

इंदौर के बाद अब भोपाल में जल संकट का ज़हर: नलों से निकल रहा बदबूदार लाल पानी, ई-कोलाई से कांप रही राजधानी

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 20 लोगों की मौत की खबर अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब भोपाल से डराने वाली तस्वीरें सामने आ गई हैं। राजधानी के कई इलाकों में नलों से ऐसा पानी आ रहा है, जिसे देखकर लोग पीना तो दूर, हाथ-मुंह धोने से भी डर रहे हैं। कुछ ही मिनटों में पानी लाल हो जाता है और इतनी तेज बदबू आती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है।


भोपाल के पानी में मिले जानलेवा बैक्टीरिया

भोपाल नगर निगम की रिपोर्ट और विशेषज्ञों की जांच में खुलासा हुआ है कि शहर के कई इलाकों के ग्राउंड वाटर में फीकल कॉलिफॉर्म और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। ये वही बैक्टीरिया हैं जो हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी जानलेवा बीमारियों को जन्म देते हैं। जिन इलाकों में यह गंभीर स्थिति सामने आई है, उनमें शामिल हैं – आदमपुर छावनी, हरिपुरा, पड़रिया, शांति नगर, अर्जुन नगर, कोलुआ, खानूगांव और वाजपेयी नगर। इन क्षेत्रों में 5 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं, जो रोज इसी पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं।


कैंसर तक का खतरा, आयरन 100 गुना ज्यादा

जांच रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पानी में आयरन की मात्रा सामान्य से करीब 100 गुना अधिक पाई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक इतना ज्यादा आयरन शरीर में जमा होकर हेमोक्रोमैटोसिस जैसी बीमारी को जन्म दे सकता है, जो आगे चलकर लीवर डैमेज और कैंसर तक का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं, पानी में: टीडीएस, कैल्शियम, टोटल हार्डनेस, सल्फेट और कोलीफॉर्म जैसे तत्व भी मानक से कई गुना ज्यादा पाए गए हैं, जिससे यह पानी पूरी तरह असुरक्षित घोषित किया गया है।


नलों से नहीं, अब टैंकरों से बुझ रही प्यास

स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि इन इलाकों के लोग अब पूरी तरह पानी के टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। आदमपुर खंती के आसपास पहुंचे जांच दल ने पाया कि यहां का ग्राउंड वाटर न तो पीने योग्य है और न ही रोजमर्रा के इस्तेमाल के लायक। लोगों का कहना है कि नल का पानी कपड़ों पर गिरते ही लाल दाग छोड़ देता है और बदबू इतनी तेज होती है कि रसोई में भी उसका इस्तेमाल संभव नहीं।


ज़हरीले पानी से उग रही सब्जियां, मंडियों तक पहुंच रहा खतरा

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसी दूषित पानी से उगाई गई फल और सब्जियां रोजाना भोपाल की मंडियों में पहुंच रही हैं। इसका मतलब यह हुआ कि खतरा सिर्फ इन इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर के लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही इस पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भोपाल में भी इंदौर जैसी स्थिति बन सकती है।

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