
भोपाल। फरवरी माह के आखिरी से शुरू हुआ आंधी और बारिश का सिलसिला आखिरकार थम गया।एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला नज़र आया। गुरुवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर के चलते प्रदेश के उमरिया, शहडोल,डिंडोरी,अनुपपुर मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज आंधी और मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अब पश्चिमी विक्षोभ की प्रदेश से विदाई हो चुकी है और अगले 5 दिन कहीं भी बारिश होने की संभावना नहीं है। इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहेगा और 5-6 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा। 15 अप्रैल से उत्तर- पश्चिमी हिस्से में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान है हालांकि प्रदेश में इसका असर कम ही दिखाई देगा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश में गर्मी का प्रकोप दिखाई देगा वहीं इस महीने के आखिरी तक अधिकतम तापमान 45 तक पहुंचने की संभावना है।
18 साल बाद भोपाल में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री दर्ज
पश्चिमी विक्षोभ गुजरने के बाद हवाओं का रुख उत्तरी हो गया है। इसके प्रभाव से राजधानी भोपाल में रात के पारे में बड़ी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री लुढ़ककर 16.4 डिग्री पर पहुंच गया जिससे राजधानी वासियों को गर्मी से राहत मिली। गौरतलब है कि 18 साल बाद अप्रैल के महीने में भोपाल में इतना कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। हालांकि अधिकतम तापमान की बात करें तो प्रदेश के 5 बड़े शहरों में से भोपाल 34 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म शहर रहा। वहीं इंदौर में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री,उज्जैन में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री,जबलपुर में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री और ग्वालियर में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री दर्ज किया गया।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

