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एम्स भोपाल को रिसर्च में मिली बड़ी सफलता,होम्योपैथी से एलर्जिक राइनाइटिस के स्थायी नियंत्रण में मदद

20 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एम्स भोपाल

एम्स भोपाल

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डेस्क रिपोर्टर

भोपाल। एलर्जिक राइनाइटिस एक आम दीर्घकालिक बीमारी है, जिससे दुनिया भर में लोग प्रभावित होते हैं। इसमें बार-बार छींक आना, नाक बहना या बंद रहना, नींद में परेशानी और जीवन की गुणवत्ता में कमी देखी जाती है। इसी पृष्ठभूमि में एम्स भोपाल का एक नया अध्ययन यह दर्शाता है कि एलर्जिक राइनाइटिस में होम्योपैथी से लंबे समय तक लाभ मिल सकता है।

यह रैंडमाइज़्ड, ओपन-लेबल नियंत्रित अध्ययन एम्स भोपाल के आयुष विभाग (होम्योपैथी) द्वारा ईएनटी विभाग के सहयोग से किया गया। इस अध्ययन का नेतृत्व डॉ. आशीष कुमार दीक्षित (होम्योपैथी) और डॉ. अंजन कुमार साहू (ईएनटी) ने किया। शोध दल में डॉ. शैला सिदम  (ईएनटी) और डॉ. निभा गिरी (होम्योपैथी) भी शामिल थीं। अध्ययन में मध्यम से गंभीर एलर्जिक राइनाइटिस से पीड़ित 210 वयस्क मरीजों को शामिल किया गया।
मरीजों को दो समूहों में बाँटा गया। एक समूह को केवल फ्लुटिकासोन फ्यूरोएट दिया गया, जबकि दूसरे समूह को फ्लुटिकासोन फ्यूरोएट के साथव्यक्तिगत रूप से चयनित होम्योपैथिक दवाएँदी गईं।उपचार 12 सप्ताह तक चला, जिसके बाद 6 सप्ताह तक बिना किसी दवा के अवलोकन किया गया।
अध्ययन के परिणामों से पता चला कि उपचार अवधि के दौरान (4 और 12 सप्ताह पर) दोनों समूहों में समान सुधार देखा गया। लेकिन 18 सप्ताह पर, दोनों समूहों के परिणामों में अंतर सामने आया। जिन मरीजों को मानक उपचार के साथ होम्योपैथी दी गई थी, उनमें टोटल नेज़ल सिम्पटम स्कोर (TNSS) का औसत मान 1.44 पाया गया, जबकि केवल मानक उपचार लेने वाले मरीजों में यह 6.48 था। यह नाक के लक्षणों में केवल मानक उपचार ग्रुप की तुलना में नाक के लक्षणों में लगभग 78% ज़्यादा कमी दिखाता है। इसी प्रकार, जीवन-गुणवत्ता स्कोर होम्योपैथी समूह में 0.88 तथा केवल मानक उपचार समूह में 2.24 पाया गया, जो जीवन-गुणवत्ता में होम्योपैथी समूह में लगभग 61% अधिक सुधार दिखाता है। यह स्टडी एक प्रतिष्ठित इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित हुई है। 
अंततः यह अध्ययन इस बात के वैज्ञानिक प्रमाण देता है कि एलर्जिक राइनाइटिस के दीर्घकालिक प्रबंधन में होम्योपैथी, पारंपरिक उपचार के साथ मिलकर, लक्षणों की पुनरावृत्ति को कम करने और लंबे समय तक राहत बनाए रखने में सहायक हो सकती है।


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