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एम्स भोपाल ने रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग का स्थापना दिवस मनाया, उन्नत कैंसर उपचार और प्रशिक्षण पर जोर

22 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एम्स भोपाल

एम्स भोपाल

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डेस्क रिपोर्टर

 भोपाल। एम्स भोपाल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने अत्यंत उत्साह के साथ अपना स्थापना दिवस मनाया। यह विभाग 20 नवंबर 2019 को अपने पहले मरीज को उपचार देने के साथ आरम्भ हुआ था और पिछले छह वर्षों में मध्य भारत में उन्नत कैंसर उपचार एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। 

कार्यक्रम की शुरुआत पोस्टर प्रतियोगिता से हुई, जिसमें स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रस्तुत किए गए पोस्टरों की वैज्ञानिक गुणवत्ता, प्रस्तुति और मौलिकता की विभागीय विशेषज्ञों ने सराहना की। इससे विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और शोध दृष्टिकोण को प्रदर्शित करने का अवसर मिला, जो भविष्य में कैंसर सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक होगा।
इस अवसर पर एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक कैंसर उपचार में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देश में कैंसर से संबंधित आंकड़ों को मजबूत करने, शोध को और बढ़ाने तथा मरीजों को केंद्र में रखकर सेवाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया। उनके मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों और चिकित्सकों को संवेदनशील और वैज्ञानिक उपचार की दिशा में प्रेरित किया।
वैज्ञानिक सत्रों में “संयुक्त चिकित्सा पद्धति और बहुविषयक प्रबंधन” विषय पर विद्यार्थियों को बताया गया कि जब विभिन्न चिकित्सकीय विशेषज्ञ मिलकर उपचार योजना बनाते हैं तो कैंसर उपचार अधिक प्रभावी होता है। एक अन्य सत्र “भौतिकी, रेडियोबायोलॉजी और नैदानिक अभ्यास का समन्वय” पर आधारित था, जिसमें रेडियोथेरेपी के विकास और वैज्ञानिक आधार की महत्ता पर विस्तृत चर्चा हुई। इन सत्रों से विद्यार्थियों को कैंसर उपचार की वैज्ञानिक नींव को बेहतर समझने में सहायता मिली। 
स्थापना दिवस व्याख्यान में जी. एम. सी. भोपाल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एच. यू. गोरी ने भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद चुनौतियों और सेवा वितरण में सुधार की संभावनाओं पर विचार रखे। उन्होंने नवाचार, उच्चतर शिक्षण और मरीज-प्रथम दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
एक अन्य सत्र में उन्नत रेडिएशन ऑन्कोलॉजी तकनीकों जैसे इमेज़ गाइडेड रेडियोथेरेपी, स्टेरियोटैक्टिक उपचार, अनुकूलन आधारित रेडियोथेरेपी और सटीक उपचार पद्धतियों पर भी चर्चा की गई, जिनसे मरीजों को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी उपचार प्राप्त होता है। कार्यक्रम का समापन पोस्टर प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। 


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