
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के 7वें सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर से होने जा रही है और सुरक्षा के मद्देनज़र राजधानी भोपाल में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए 1 से 5 दिसंबर तक शहर में रैलियों, प्रदर्शनों और बड़े जमावड़ों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। आदेश उन राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से है, जिनसे विधानसभा सत्र के दौरान बाधा उत्पन्न होने की आशंका है।
किन क्षेत्रों में लागू रहेगा आदेश
प्रतिबंध राजधानी के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वीआईपी इलाकों में सख्ती से लागू रहेगा। इन क्षेत्रों को पूरी तरह प्रतिबंधित जोन घोषित किया गया है:
✔️ लिली टॉकीज से 7वीं बटालियन
✔️ एमवीएम कॉलेज क्षेत्र
✔️ एयरटेल तिराहा से रोशनपुरा
✔️ बांगंगा क्रॉसिंग से राजभवन
✔️ जिन्सी स्क्वायर से ओल्ड जेल रोड
✔️ मैदा मिल से बोर्ड ऑफिस चौराहा
✔️ झर्नेश्वर मंदिर से रोशनपुरा
✔️ पॉलीटेक्निक रोड से मुख्यमंत्री निवास
इसके अलावा नई विधानसभा, राजभवन, सीएम हाउस, 74 बंगले, प्रेस कॉम्प्लेक्स, सतपुरा, विन्ध्याचल और वल्लभ भवन का पूरा इलाका भी प्रतिबंधित रहेगा।
5 किमी दायरे में भारी वाहनों पर पूरी पाबंदी
विधानसभा के 5 किलोमीटर के दायरे में निम्न वाहन प्रवेश नहीं कर सकेंगे —
ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर, धीमी गति वाले वाहन जैसे बैलगाड़ी, टांगा। इसके अलावा ऐसे किसी काम पर रोक रहेगी जिससे सरकारी दफ्तर, दुकानें, होटल, उद्योग या सार्वजनिक सेवाएं बाधित हों। सरकारी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को छूट दी गई है।
क्या रहेगा पूरी तरह प्रतिबंधित?
आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्रों में:
➡️ पांच या उससे अधिक लोगों का एक साथ जमा होना
➡️ रैली, धरना, विरोध-प्रदर्शन
➡️ सार्वजनिक सभा, पुतला दहन
➡️ हथियार, पत्थर, लाठी, डंडे आदि लेकर चलना
इन सभी गतिविधियों को अवैध जमावड़ा माना जाएगा।
किसे मिलेगी छूट?
शादी के जुलूस
अंतिम संस्कार
इन पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर BNS की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंध 1 से 5 दिसंबर 2025 तक चौबीसों घंटे लागू रहेंगे।
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