शनिवार, 25 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश में ‘किन्नर जिहाद’ के आरोपों से विवाद, किन्नर अखाड़े ने जबरन धर्म परिवर्तन का लगाया आरोप

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मध्य प्रदेश में ‘किन्नर जिहाद’ के आरोपों से विवाद, किन्नर अखाड़े ने जबरन धर्म परिवर्तन का लगाया आरोप

मध्य प्रदेश में ‘किन्नर जिहाद’ के आरोपों से विवाद, किन्नर अखाड़े ने जबरन धर्म परिवर्तन का लगाया आरोप

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ जैसे मुद्दों के बाद अब ‘किन्नर जिहाद’ को लेकर नया विवाद सामने आया है। किन्नर अखाड़े से जुड़े कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि हिंदू किन्नरों पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर किन्नर समाज के एक वर्ग ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल में चर्चा तेज हो गई है।


किन्नर अखाड़ा प्रमुख ने लगाए संगीन आरोप

किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने वर्ष 2016 में अखाड़े की स्थापना उन हिंदू किन्नरों की ‘घर वापसी’ के उद्देश्य से की थी, जिनका कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके इस अभियान का विरोध कर रहे हैं, जिसके कारण स्थिति और जटिल हो गई है। उनके अनुसार, कई हिंदू किन्नरों का धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है और अब उन्हें वापस अपने मूल धर्म में लाने का प्रयास किया जा रहा है।


जबरन कलमा पढ़वाने और प्रताड़ना के आरोप

अखाड़े से जुड़े किन्नरों का आरोप है कि उन्हें जबरन कलमा पढ़वाया जाता है, मांस खिलाया जाता है और धार्मिक अनुष्ठान करवाए जाते हैं। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया जाता है। इन आरोपों को लेकर अखाड़े के पदाधिकारियों ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर सरकार और अन्य संबंधित संस्थाओं को ज्ञापन दे चुके हैं।


फंडिंग और बाहरी कनेक्शन के भी आरोप

ऋषि अजय दास ने दावा किया कि कुछ डेरे बाहरी फंडिंग से जुड़े हो सकते हैं और इस मामले की जांच होनी चाहिए।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी सामने आना बाकी है।


किन्नरों ने सुनाई अपनी आपबीती

कुछ किन्नरों ने भी मीडिया के सामने अपनी बातें रखीं। किन्नर काजल ठाकुर ने आरोप लगाया कि उन पर धर्म बदलने का दबाव बनाया गया और उन्हें नया नाम देकर अलग पहचान दी गई। उन्होंने कहा कि कई लोगों को बस्ती में जाकर कपड़े बदलने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता है। किन्नरों के एक समूह ने दावा किया कि वे अपने मूल धर्म में वापस आ गए हैं और उसी पहचान के साथ रहना चाहते हैं।

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