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ट्रम्प बोले- समझौता नहीं हुआ तो ईरान में कुछ नहीं बचेगा, चौथे दिन भी अमेरिकी एयरस्ट्राइक जारी

15 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्रम्प बोले- समझौता नहीं हुआ तो ईरान में कुछ नहीं बचेगा, चौथे दिन भी अमेरिकी एयरस्ट्राइक जारी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार रात अमेरिकी सेना ने लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की और ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी शुरू कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा है कि जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर जमीनी अभियान चलाने और सहयोगी देशों की मदद लेने की संभावना भी जताई।


ट्रम्प ने आगे भी हमले जारी रखने के दिए संकेत

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि मंगलवार रात (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह) भी हमले किए जाएंगे और अगले दिन भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले सप्ताह ईरान के बिजलीघरों और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रम्प के अनुसार, यदि ईरान समझौते के लिए आगे नहीं आता है तो सैन्य दबाव और बढ़ाया जाएगा।


जमीनी अभियान का भी दिया संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू किया जा सकता है। इसके लिए अमेरिका अपने सहयोगी देशों की सहायता लेने पर भी विचार कर सकता है।


पिकऐक्स माउंटेन भी अमेरिकी निशाने पर

ट्रम्प ने कहा कि ईरान का पिकऐक्स माउंटेन न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स भी अमेरिकी निगरानी में है और आवश्यकता पड़ने पर इस ठिकाने पर हमला किया जा सकता है।


क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है यह परमाणु परिसर

पिकऐक्स माउंटेन, नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी के पास पहाड़ के भीतर बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक इसकी सुरंगें करीब 100 मीटर मोटी चट्टानों के नीचे स्थित हैं। ईरान का दावा है कि यहां एडवांस सेंट्रीफ्यूज तैयार किए जाते हैं। पश्चिमी देशों को आशंका है कि इस परिसर का उपयोग यूरेनियम संवर्धन या परमाणु कार्यक्रम के अन्य हिस्सों के लिए भी किया जा सकता है।


इस ठिकाने पर हमला आसान क्यों नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार, यह परिसर इतनी गहराई में बना है कि अमेरिका का सबसे शक्तिशाली GBU-57 बंकर बस्टर बम भी इसे पूरी तरह नष्ट नहीं कर सकता। यदि केवल सुरंगों के प्रवेश द्वारों को निशाना बनाया जाए तो आवाजाही कुछ समय के लिए रोकी जा सकती है, लेकिन अंदर मौजूद संरचना को पूरी तरह खत्म करना बेहद कठिन माना जाता है।


अमेरिका की नजर इस परिसर पर क्यों

सैटेलाइट तस्वीरों में इस क्षेत्र के आसपास लगातार निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के संकेत मिले हैं। अमेरिका को आशंका है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण हिस्सों को और अधिक गहराई वाले सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित कर रहा है। इसी वजह से पिकऐक्स माउंटेन अमेरिकी निगरानी और संभावित सैन्य कार्रवाई की सूची में शामिल हो गया है।


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