
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन दिनों ग्वालियर के दौरे पर हैं और उनके इस 17 घंटे के प्रवास ने पूरे शहर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। बुधवार रात जब शाह ग्वालियर पहुंचे, तभी से सुरक्षा का घेरा इतना सख्त है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। अगर आप आज ग्वालियर की सड़कों पर निकलने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! शहर का हुलिया बदला हुआ है और सुरक्षा ऐसी कि चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा है।
10 IPS अधिकारियों के घेरे में ग्वालियर, 'नो फ्लाई जोन' घोषित
अमित शाह की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। मेला मैदान में होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं जो शायद ही पहले कभी देखे गए हों। सुरक्षा की कमान खुद 10 IPS अधिकारी संभाल रहे हैं, जिनके अंडर करीब 4500 पुलिसकर्मी तैनात हैं। सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने शहर के 15 किलोमीटर के दायरे को 'नो फ्लाई जोन' घोषित कर दिया है, यानी आसमान से भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
ट्रैफिक का बदला गणित: 5 लाख वाहन और 14 रास्ते प्रभावित
वीआईपी मूवमेंट के कारण शहर की रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लगा है। ग्वालियर के अंदर और बाहर के 14 मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। इस बदलाव का सीधा असर करीब 5 लाख वाहनों पर पड़ रहा है। आम जनता को अपने काम पर जाने के लिए 2 से 5 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। बुधवार रात से ही गोला का मंदिर, पिंटो पार्क और दीनदयाल नगर जैसे इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
950 बसें और 30 हजार की भीड़, जाम का डर
मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद है। समर्थकों को लाने के लिए प्रशासन और पार्टी ने 950 बसों और 4500 से ज्यादा चार पहिया वाहनों का इंतजाम किया है। इतनी बड़ी तादाद में गाड़ियों के आने से रेस कोर्स रोड और गांधी रोड पर जाम की स्थिति बन सकती है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि उन्होंने समर्थकों की गाड़ियों के लिए अलग रूट प्लान किया है ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
सावधान! इन रास्तों पर जाने से बचें
अगर आप आज शहर में यात्रा कर रहे हैं, तो इन रास्तों की जानकारी जरूर रख लें:
पूरी तरह बंद रास्ते: एमआइटीएस, दूध डेयरी, इंद्रमणि नगर और सूर्यनमस्कार तिराहा आज पूरी तरह ब्लॉक रहेंगे। महाराजा गेट से आकाशवाणी तिराहा और बेजाताल से शिंदे की छावनी मार्ग पर भी आम वाहनों की एंट्री बंद है।
भारी वाहनों की नो-एंट्री: चिरवाई नाका, बेला की बावड़ी, हुरावली और बड़ागांव से भारी वाहनों को शहर में घुसने नहीं दिया जाएगा।
भिंड-मुरैना का वैकल्पिक रूट: भिंड से आने वाले वाहन अब लक्ष्मणगढ़ और सागरताल होकर जाएंगे। वहीं, मुरैना से झांसी जाने वालों को निरावली और बहोड़ापुर का लंबा रास्ता चुनना होगा।
राहत की खबर: बहोड़ापुर से कंपू जाने के लिए इंदरगंज और नई सड़क का रास्ता फिलहाल खुला रखा गया है।
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