
बैतूल। मध्य प्रदेश की आमला विधानसभा ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के तहत गणना पत्रकों का शत-प्रतिशत भराव और डिजिटलाइजेशन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली आमला, मध्यप्रदेश की पहली विधानसभा बन गई है।
इस उपलब्धि की पुष्टि बैतूल जिला उप निर्वाचन अधिकारी मकसूद अहमद खान ने की। उनके अनुसार आमला विधानसभा के 2,19,778 पंजीकृत मतदाताओं का गहन पुनरीक्षण और डिजिटलाइजेशन कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
रिकॉर्ड बनने के पीछे किसका हाथ?
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया के नेतृत्व में काम कर रही टीम को दिया गया है। बड़ोनिया ने बताया क, “यह कार्य टीम वर्क और सतत फील्ड मॉनिटरिंग के कारण संभव हो सका।”
20 हजार नाम हटाए गए — मतदाता सूची और सटीक
डिजिटलाइजेशन अभियान के दौरान कुल 20,000 नामों को मतदाता सूची से हटाया गया, ताकि सूची पूरी तरह अद्यतित और सटीक हो सके।
हटाए गए नामों का विवरण:
14,000 कर्मचारी — रेलवे, एयरफोर्स, कोयला कंपनी आदि संस्थानों से जुड़े, जो स्थानांतरित हो चुके थे
3,000 मृत मतदाता
1,012 डुप्लीकेट नाम
इन नामों को हटाने के लिए संबंधित संस्थानों ने लिखित रूप से कर्मचारियों के ट्रांसफर का विवरण निर्वाचन कार्यालय को भेजा था।
22 साल बाद हुआ इतना गहन पुनरीक्षण
आमला क्षेत्र में 22 वर्ष बाद SIR के अंतर्गत इस तरह का व्यापक और घर-घर सत्यापन अभियान चलाया गया।
बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने
✔ हर घर जाकर सत्यापन किया
✔ मतदाता जानकारी अपडेट की
✔ त्रुटियों को सुधारा
इस प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
मतदाता जागरूकता भी बढ़ी
एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया ने बताया कि इस अभियान से न केवल मतदाता सूची की सटीकता बढ़ी है, बल्कि क्षेत्र में मतदाता जागरूकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
आमला विधानसभा की यह उपलब्धि अब पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक मिसाल बन गई है।
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