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सादगी में संस्कार की मिसाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव बेटे अभिमन्यु की शादी करेंगे सामूहिक विवाह सम्मेलन में

11 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सादगी में संस्कार की मिसाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव बेटे अभिमन्यु की शादी करेंगे सामूहिक विवाह सम्मेलन में

सादगी में संस्कार की मिसाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव बेटे अभिमन्यु की शादी करेंगे सामूहिक विवाह सम्मेलन में

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बार फिर सादगी और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करने जा रहे हैं। वे अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी किसी भव्य आयोजन में नहीं, बल्कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने जा रहे हैं। यह विवाह 30 नवंबर को उज्जैन के होटल अथर्व में संपन्न होगा, जहां अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव सात फेरे लेंगे। मुख्यमंत्री का यह निर्णय न केवल समाज में सादगी का संदेश देगा, बल्कि विवाह जैसी परंपराओं को सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का एक उदाहरण बनेगा।


सादगी को हमेशा दी प्राथमिकता

सीएम मोहन यादव अपनी जीवनशैली में सादगी के लिए जाने जाते हैं। वे अपने पारिवारिक आयोजनों को भी समाजहित से जोड़ने में विश्वास रखते हैं। यही कारण है कि उन्होंने बेटे की शादी को भी सामाजिक समरसता का मंच बना दिया है।


सामूहिक विवाह सम्मेलन में होंगे फेरे

यह पहला अवसर होगा जब किसी मुख्यमंत्री का पुत्र सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी करेगा। अभिमन्यु यादव वर्तमान में सर्जरी में मास्टर्स कर रहे हैं और समाजसेवा में सक्रिय हैं। वहीं, उनकी होने वाली पत्नी डॉ. इशिता यादव खरगोन जिले के किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। वे एमबीबीएस करने के बाद पीजी की पढ़ाई कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि इशिता, सीएम यादव की बड़ी बेटी आकांक्षा यादव की ननद भी हैं।


सीमित अतिथियों के बीच होगा आयोजन

मुख्यमंत्री ने बताया कि विवाह समारोह मुख्यमंत्री निवास पर नहीं बल्कि उज्जैन के होटल अथर्व में आयोजित होगा। इसमें केवल परिजन, करीबी रिश्तेदार, भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे। समारोह में पारंपरिक रस्मों के साथ-साथ समाजसेवी पहलें भी जोड़ी जाएंगी, जिससे यह आयोजन एक सामुदायिक उत्सव का रूप लेगा।


सामाजिक समरसता का संदेश

सीएम मोहन यादव ने कहा कि “विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और समाज के जुड़ाव का प्रतीक होता है। यदि यह सादगी और संस्कार के साथ संपन्न हो, तो यह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।”

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