
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को कान्हा-किसली में 14 जंगली भैंसों को प्राकृतिक आवास में विमुक्त किए जाने की जानकारी दी। जिनमें 6 मादा और 8 नर शामिल हैं। उन्होंने सभी वन्य जीव प्रेमियों, पर्यटकों और नागरिकों से अपील की है कि वह वन्य प्राणियों के साहचर्यपूर्ण नैसर्गिक जीवन को निहारने के लिए कम से कम एक बार कान्हा नेशनल पार्क जरूर पहुंचे।
सोमवार को मंडला में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री ने कान्हा नेशनल पार्क को वन्यजीव विविधता की समृद्ध धरोहर बताते हुए पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों से यहां आने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाघ, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या बढ़ रही है। बारहसिंगा संरक्षण के प्रयासों को भी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्बसाहट परियोजना आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिससे जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
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