
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र ऐसे संदेश के साथ खत्म हुआ, जिसने सियासी हलकों के साथ-साथ आम जनता को भी बड़ा संकेत दे दिया है। सीएम मोहन यादव ने सदन में खड़े होकर जब यह कहा, "विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं, हमारा धर्म भी है" तो पूरा सदन तालियों से गूंज उठा। पांच दिन चले इस सत्र में जहां जनता से जुड़े बड़े फैसले हुए, वहीं 13 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट पेश कर सरकार ने अपने इरादे भी साफ कर दिए।
शुक्रवार को समाप्त हुआ शीतकालीन सत्र
मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार, 5 दिसंबर को औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। पांच दिनों तक चले इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। जनता से जुड़े विधेयक पेश किए गए और प्रदेश के विकास का रोडमैप सदन के पटल पर रखा गया।
सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान – ‘विकसित भारत हमारा धर्म’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, "यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को हम विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं, हमारा धर्म भी है।" उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की सराहना करते हुए कहा, "विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है। अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशलता से सदन का संचालन किया, जो अभिनंदन योग्य है।"
विपक्ष को भी दिया धन्यवाद
सीएम मोहन यादव ने विपक्ष की भूमिका की तारीफ करते हुए कहा, "सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी है। नेता प्रतिपक्ष को धन्यवाद कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने सकारात्मक चर्चा की और सदन को लाभान्वित किया।"
₹13,476.94 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को बताया कि द्वितीय अनुपूरक बजट में कुल ₹13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, "इस बजट से अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होंगी और इसका लाभ हर वर्ग को मिलेगा।"
बजट में प्रमुख प्रावधान
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) – ₹4000 करोड़
उपार्जन संस्थाओं को ऋण – ₹2000 करोड़
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना – ₹1794 करोड़
15वें वित्त आयोग के तहत पंचायत विभाग – ₹1633 करोड़
उद्योग, कृषि और अन्य विकास योजनाएं – बड़े स्तर पर निवेश
अनुपूरक बजट की विशेषताएं
द्वितीय अनुपूरक बजट की मुख्य बातें—
कुल बजट: ₹13,476.94 करोड़
विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं
आवास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
लाड़ली बहना योजना में और मजबूती
स्थानीय निकायों को ₹1633 करोड़
पूंजीगत मद में ₹5,028.37 करोड़ का प्रावधान
मुख्य बजट: ₹4,21,032 करोड़ (प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट)
गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों पर फोकस
नगर पालिका संशोधन विधेयक 2025 पेश
सत्र के दौरान एक अहम विधेयक भी पेश किया गया—
मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक 2025, जिसमें नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों का चुनाव अब प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का प्रावधान किया गया है।
सीएम ने कहा कि, "इससे प्रशासनिक बाधाएं खत्म होंगी और निकाय स्वतंत्र रूप से तेज गति से काम कर सकेंगे।"
‘चरैवेति चरैवेति’ का मंत्र दोहराया सीएम ने
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, "मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र में एक और अध्याय जुड़ गया है। हम केवल निवेश की बात नहीं कर रहे, प्रदेश के भविष्य की नींव रख रहे हैं। चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार निरंतर जनकल्याण करेंगे।"
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