
भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश का दौर रविवार को थम गया, जिसके बाद एक बार फिर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम साफ होते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 33 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, उज्जैन में 34 डिग्री, जबलपुर में 31.3 डिग्री और ग्वालियर में 31.8 डिग्री दर्ज किया गया।वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर, पचमढ़ी 27.2 डिग्री के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों तक प्रदेश में गर्मी और बढ़ेगी, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।
मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का अलर्ट
मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में देखने को मिलेगा। इसके चलते जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया है।इस बदलते मौसम का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव किसानों और आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। संभावित बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, लगातार बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ रही है।ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की जरूरत है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

