
भोपाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज और क्लेम से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग ने शहर के तीन निजी अस्पतालों के खिलाफ एक साथ कार्रवाई करते हुए उन्हें योजना से निलंबित कर दिया है।
कार्रवाई के दायरे में यशवी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सूर्यांश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मारुति मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। यह कदम आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अरविंद शाह के औचक निरीक्षण के बाद उठाया गया।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर गड़बड़ियां
सीईओ अरविंद शाह के निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में योजना के संचालन से संबंधित कई ऐसी अनियमितताएं मिलीं, जिन पर विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में मरीजों की भर्ती और इलाज से जुड़े मामलों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
अस्पतालों पर आरोप है कि जरूरत नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में मरीजों को भर्ती किया जा रहा था। विभाग को आशंका है कि इस तरह की भर्ती के जरिए आयुष्मान योजना के अंतर्गत अधिक राशि के क्लेम प्रस्तुत किए जा रहे थे।
अनावश्यक इलाज दिखाकर क्लेम बढ़ाने का आरोप
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कुछ मामलों में मरीजों को जरूरत से ज्यादा इलाज उपलब्ध कराए जाने या अनावश्यक रूप से भर्ती रखने की स्थिति सामने आई। आरोप है कि इसका उद्देश्य योजना के तहत मिलने वाली क्लेम राशि को बढ़ाना था।
इस तरह की गतिविधियों से सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए अस्पतालों के पुराने क्लेम की भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
10 दिन में देना होगा जवाब
तीनों अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 10 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
सिर्फ मौजूदा मामलों की जांच तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। विभाग ने इन अस्पतालों की ओर से पूर्व में प्रस्तुत किए गए सभी क्लेम का विस्तृत ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके जरिए पहले के मामलों में किसी संभावित गड़बड़ी का पता लगाने की कोशिश होगी।
जांच के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत योजना में किसी भी तरह की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ आगे और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल तीनों अस्पतालों का योजना से निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। अब अस्पतालों के जवाब और पुराने क्लेम के ऑडिट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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