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भोपाल के संजीवनी क्लिनिक में फर्जी अटेंडेंस पर बड़ा एक्शन, 13 डॉक्टरों की सैलरी कटी, एक की बर्खास्तगी तय

25 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल के संजीवनी क्लिनिक में फर्जी अटेंडेंस पर बड़ा एक्शन, 13 डॉक्टरों की सैलरी कटी, एक की बर्खास्तगी तय

भोपाल के संजीवनी क्लिनिक में फर्जी अटेंडेंस पर बड़ा एक्शन, 13 डॉक्टरों की सैलरी कटी, एक की बर्खास्तगी तय

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक को लेकर ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे स्वास्थ्य महकमे को हिला दिया है। मरीजों की सेवा के लिए बनाए गए इस सिस्टम में कुछ डॉक्टर मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ही ड्यूटी पर मौजूद होने का नाटक कर रहे थे। जैसे ही यह गड़बड़ी पकड़ में आई, स्वास्थ्य विभाग ने बिना देर किए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।


13 डॉक्टरों की सैलरी कटी, 25 को थमाया गया नोटिस

जांच के बाद सामने आया कि कई डॉक्टरों ने सार्थक ऐप में संदिग्ध तरीके से अटेंडेंस दर्ज की थी। इसके चलते

13 डॉक्टरों की 7 दिन से लेकर 1 महीने तक की सैलरी काटी गई।

25 चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

एक डॉक्टर के खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


500 किलोमीटर दूर से भी दर्ज हो गई हाजिरी

सीएमएचओ कार्यालय की नियमित समीक्षा के दौरान यह खुलासा हुआ कि एक डॉक्टर अपने क्लिनिक से करीब 500 किलोमीटर दूर रहते हुए भी मोबाइल ऐप पर हाजिरी लगा रहा था। तकनीक के इस गलत इस्तेमाल ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी।


एक ही डॉक्टर, अलग-अलग चेहरे की तस्वीरें

बागमुगालिया स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक में डॉ. मिन्हाज की अटेंडेंस जांच में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सार्थक ऐप में दर्ज उनकी हाजिरी की तस्वीरों में हर बार अलग-अलग व्यक्ति के चेहरे दिखे, जिससे साफ हो गया कि किसी और से फोटो खिंचवाकर उपस्थिति दर्ज कराई जा रही थी।


9 नोटिस के बाद भी चुप, अब बर्खास्तगी की तैयारी

सीएमएचओ कार्यालय के मुताबिक, डॉ. मिन्हाज को अब तक 9 बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने किसी का भी जवाब नहीं दिया। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए उनकी बर्खास्तगी की फाइल एनएचएम कार्यालय भेजी जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग सख्त, निगरानी और तेज

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने साफ कहा है कि मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक जैसे जनसेवा केंद्रों में इस तरह की गड़बड़ी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब अटेंडेंस रिकॉर्ड पर कड़ी डिजिटल निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसा फर्जीवाड़ा दोबारा न हो।

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