
भोपाल। अगर आप इंटरनेट, ई-मेल, सोशल मीडिया या ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मध्य प्रदेश स्टेट साइबर पुलिस ने रविवार को एक अहम एडवाइजरी जारी कर देशभर के इंटरनेट यूजर्स को सतर्क किया है।
68 करोड़ यूजर्स का डेटा साइबर अपराधियों के पास
स्टेट साइबर पुलिस की एडवाइजरी में बताया गया है कि हाल ही में करीब 68 करोड़ इंटरनेट यूजर्स की ई-मेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के हाथ लगने का मामला सामने आया है। यह डेटा लीक यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
ई-मेल हैक हुआ तो बैंक और वॉलेट भी खतरे में
एडवाइजरी के अनुसार, यदि किसी का ई-मेल अकाउंट हैक हो जाता है तो अपराधी उसी के जरिए सोशल मीडिया अकाउंट, इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और अन्य एप्स तक भी पहुंच बना सकते हैं। इसलिए सबसे पहला कदम पासवर्ड तुरंत रीसेट करना बताया गया है।
साइबर पुलिस ने क्यों जारी की चेतावनी
स्टेट साइबर पुलिस के मुताबिक यह एडवाइजरी डेटा लीक और साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को देखते हुए पहले से सतर्क करने की पहल है। समय रहते सावधानी बरतने से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
ये उपाय अपनाएं, खतरा होगा कम
साइबर पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि
समय-समय पर पासवर्ड बदलें
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें
हर वेबसाइट और ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें
यही सबसे प्रभावी बचाव है।
क्या बोले साइबर एसपी प्रणय नागवंशी
स्टेट साइबर एसपी ने बताया, “देशभर में करीब 68 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के पास होने का अनुमान है। प्रत्येक वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखने चाहिए। संदिग्ध ई-मेल, एसएमएस और लिंक पर क्लिक न करें। अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉग-इन न करें।”
यहां से तुरंत ले सकते हैं मदद
अगर आपका ई-मेल या कोई अकाउंट हैक हो गया है तो तुरंत पासवर्ड बदलें और सहायता के लिए संपर्क करें—
ई-मेल: ps.cybercell-bpl@mppolice.gov.in
हेल्पलाइन नंबर: 7587646775
कैसे जांचें, आपका ई-मेल सुरक्षित है या नहीं
आप वेबसाइट पर जाकर यह पता कर सकते हैं कि आपका ई-मेल आईडी किसी डेटा लीक का हिस्सा रहा है या नहीं। यह साइट पुराने डेटा लीक के आधार पर जानकारी देती है।
नए-नए पैतरों से साइबर ठगी
साइबर ठग लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
डिजिटल अरेस्ट
लोन ऐप फ्रॉड
वित्तीय धोखाधड़ी
इन मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। साइबर अपराधियों के टारगेट पर सबसे ज्यादा वृद्धजन हैं।
लालच में न आएं, अकाउंट हो सकता है खाली
दस्तावेज अपडेट कराने, गिफ्ट, फर्जी लिंक, शेयर मार्केट में मुनाफे का लालच, ऑनलाइन ट्रेडिंग, घर बैठे नौकरी, ऑनलाइन पार्सल और मोबाइल हैक जैसे तरीकों से ठगी की जा रही है। कई मामलों में बिना OTP पूछे ही खातों से रकम निकाल ली गई है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

