शनिवार, 25 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

बाबा बागेश्वर बोले - संत बनने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन वाणी से नहीं बल्कि आचरण से

03 फ़र, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बाबा बागेश्वर बोले - संत बनने की कोशिश कर रहे लूं, लेकिन वाणी से नहीं बल्कि आचरण से

बाबा बागेश्वर बोले - संत बनने की कोशिश कर रहे लूं, लेकिन वाणी से नहीं बल्कि आचरण से

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। इंदौर में सोमवार को जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर Dhirendra Krishna Shastri उर्फ बाबा बागेश्वर मीडिया के सामने आए, तो उनके बेबाक बोल चर्चा का विषय बन गए। उन्होंने साफ कहा कि सनातन धर्म को बाहरी नहीं, बल्कि अंदरूनी कमजोरियों से सबसे ज़्यादा खतरा है और अब वक्त आ गया है कि हिंदू समाज खुद का आत्म-सुधार करे।


सनातन की कमियों पर खुलकर बोले बाबा

इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा कि सनातन धर्म में कई ऐसी कमियां आ गई हैं, जिन पर अब बात होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों का आपस में लड़ना और एक-दूसरे की निंदा करना सनातन के लिए नुकसानदेह है। इसके साथ ही पुरानी कुरीतियां, रूढ़िवादिता और बलि प्रथा जैसी परंपराएं भी सनातन की बड़ी कमजोरियां हैं।


मंदिर बन रहे हैं, लेकिन आस्था घट रही है

बाबा बागेश्वर ने एक और अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज नए-नए मंदिर तो बन रहे हैं, लेकिन पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार बंद हो गया है। उनका कहना था कि हमारे तीर्थ और देवालय अब आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि पिकनिक स्पॉट बनते जा रहे हैं, जो सनातन परंपरा के लिए चिंता का विषय है।


ज्ञान बांटने से आगे बढ़कर दुनिया को साथ लेने की जरूरत

बाबा ने कहा कि सनातन की सबसे बड़ी कमी यह भी है कि हम एक-दूसरे को तो ज्ञान देते हैं, लेकिन पूरी दुनिया को साथ लेकर चलने की सोच नहीं रखते। उन्होंने साफ किया कि वे किसी धर्म के विरोध में नहीं हैं, बल्कि सनातन के पक्ष में हैं और सच बोलने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।


‘हम अभी संत नहीं बन पाए हैं’

संतों के बीच चल रहे विवाद पर सवाल पूछे जाने पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बेहद विनम्रता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे अभी संत नहीं बने हैं, संत बनने की कोशिश कर रहे हैं। वे वाणी से नहीं, बल्कि आचरण से संत बनना चाहते हैं, इसलिए किसी साधु पर टिप्पणी करने की उनकी औकात नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि मीडिया में जो कुछ चल रहा है, वह अच्छा संकेत नहीं है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें