
बालाघाट के माटेगांव स्थित प्राथमिक शासकीय स्कूल में राहुल गांधी के पहुंचने के दौरान बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की कार्यशैली सामने आई। स्कूल की व्यवस्थाएं भी बेहतर नजर आईं।
इसी को लेकर शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक पूरी निष्ठा से पढ़ा रहे थे और बच्चे मन लगाकर पढ़ रहे थे, तो इन व्यवस्थाओं और शिक्षकों के समर्पण की प्रशंसा क्यों नहीं की गई।
आदिवासी क्षेत्र के शिक्षकों के काम का किया जिक्र
उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आदिवासी अंचलों में शिक्षक और कर्मचारी कई कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके मुताबिक, इन कर्मचारियों का प्रयास बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने से जुड़ा है। मंत्री ने शिक्षकों की मेहनत और समर्पण को सम्मान दिए जाने की बात कही।
सरकार ने स्कूलों और बच्चों को लेकर बताया संकल्प
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रत्येक स्कूल को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे का बेहतर भविष्य सरकार की जिम्मेदारी है।
स्कूल में सामने आईं ये बातें
बच्चे स्कूल में पढ़ाई करते मिले।
शिक्षक जिम्मेदारी के साथ बच्चों को पढ़ाते नजर आए।
स्कूल की व्यवस्थाएं बेहतर दिखाई दीं।
आदिवासी अंचल के शिक्षकों और कर्मचारियों के समर्पण को सम्मान देने की बात कही गई।
राहुल गांधी के दौरे पर मंत्री की टिप्पणी
राहुल गांधी के माटेगांव प्राथमिक शासकीय स्कूल पहुंचने के संदर्भ में शिक्षा मंत्री ने स्कूल में दिखाई दी व्यवस्थाओं और शिक्षकों की कार्यशैली का उल्लेख किया। उनका सवाल इसी बात पर केंद्रित रहा कि इन सकारात्मक पहलुओं के बावजूद उनकी प्रशंसा क्यों नहीं की गई।
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