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एमपी बोर्ड परीक्षा से पहले टीचर्स सर्वे में उलझे, फरवरी में एग्जाम लेकिन क्लासरूम सूने

26 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी बोर्ड परीक्षा से पहले टीचर्स सर्वे में उलझे, फरवरी में एग्जाम लेकिन क्लासरूम सूने

एमपी बोर्ड परीक्षा से पहले टीचर्स सर्वे में उलझे, फरवरी में एग्जाम लेकिन क्लासरूम सूने

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पटरी पर लौटती नहीं दिख रही है। वजह है SIR सर्वे, जिसमें प्रदेश के हजारों टीचर उलझे हुए हैं। हालात ये हैं कि कहीं एक घंटे की क्लास हो रही है तो कहीं ऑनलाइन पढ़ाई से काम चलाया जा रहा है। रिजल्ट बेहतर देने का दबाव और सर्वे का बोझ, दोनों के बीच शिक्षक पिसते नजर आ रहे हैं।


फरवरी से शुरू होंगी एमपी बोर्ड परीक्षाएं

प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 7 और 11 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। ऐसे समय में स्कूलों में रिवीजन, प्रैक्टिस और गाइडेंस की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन SIR सर्वे के चलते पढ़ाई की रफ्तार थमी हुई है।


50 हजार से ज्यादा शिक्षक SIR सर्वे में तैनात

प्रदेशभर में 50 हजार से अधिक शिक्षक SIR सर्वे के काम में लगाए गए हैं। शुरुआत में कहा गया था कि बोर्ड के शिक्षकों को सर्वे से मुक्त रखा जाएगा, लेकिन बाद में ज्यादातर बोर्ड शिक्षक भी इसी काम में झोंक दिए गए। इसका सीधा असर बच्चों की नियमित पढ़ाई पर पड़ा है।


स्कूलों में हालात: एक घंटे की क्लास, बाकी समय खाली

भोपाल के गोविंदपुरा स्थित बिजली नगर स्कूल में 19 में से 11 शिक्षक SIR सर्वे से जुड़े हैं। सर्वे के बाद की प्रक्रिया में भी इन्हीं टीचरों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में शिक्षक सर्वे से लौटकर सिर्फ एक घंटे की क्लास ले पा रहे हैं।

 सरोजिनी नायडू स्कूल में तो हालात और गंभीर हैं, यहां प्रिंसिपल तक SIR ड्यूटी में लगाए गए हैं। स्कूलों में गेस्ट टीचर्स से पढ़ाई करवाई जा रही है और कई जगह ऑनलाइन क्लास का सहारा लिया जा रहा है।


शिक्षा विभाग का भरोसा: जल्द मिलेगी राहत

जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि बोर्ड परीक्षा से जुड़े शिक्षकों को जल्द ही SIR सर्वे से मुक्त कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। हालांकि फिलहाल टीचर्स पर दोहरी जिम्मेदारी बनी हुई है – सर्वे भी और रिजल्ट की जिम्मेदारी भी।

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