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श्योपुर में आज बलराम कृषि महोत्सव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे वर्चुअल संबोधित

02 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
श्योपुर में आज बलराम कृषि महोत्सव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे वर्चुअल संबोधित
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को श्योपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करेंगे।


मुरैना में 4 सितंबर और भिंड में 5 सितंबर को बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से किसानों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं उद्यानिकी उत्पादन को बढ़ाकर 490 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है।


किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। सिंचाई के लिए किसानों को 5 रुपये में स्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ 10 हॉर्स पावर तक के कृषि पंप कनेक्शन पर सब्सिडी भी दी जा रही है।


प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत प्रदेश में 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 60 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि तथा कृषि आधारित उद्योगों के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।


दूध उत्पादन और मत्स्य क्षेत्र पर भी जोर

सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध संकलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में 5,562 दुग्ध समितियों के माध्यम से करीब 83 हजार सदस्यों को वित्तीय लाभ पहुंचाने की योजना है। इसी तरह मत्स्य क्षेत्र में भी सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपये के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब 12,400 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित निवेश का अनुमान है।


कृषि भूमि अर्जन पर चार गुना मुआवजा

किसान कल्याण वर्ष के दौरान राज्य सरकार ने कृषि भूमि अर्जन की स्थिति में किसानों को चार गुना मुआवजा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण का भुगतान साल भर में करने की सुविधा भी दी गई है।


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