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पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर कल देशभर में बैंककर्मियों की हड़ताल, भोपाल में भी दिखेगा असर

26 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर कल देशभर में बैंककर्मियों की हड़ताल, भोपाल में भी दिखेगा असर

पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर कल देशभर में बैंककर्मियों की हड़ताल, भोपाल में भी दिखेगा असर

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। अगर मंगलवार को आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो जरा संभल जाइए। देशभर में बैंककर्मियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर मंगलवार को बैंककर्मी एक दिन की हड़ताल पर हैं। बातचीत बेनतीजा रहने के बाद यूनियनों ने यह बड़ा कदम उठाया है, जिसका असर भोपाल समेत पूरे देश में देखने को मिलेगा।


देशभर में ठप रहेगा बैंकिंग कामकाज

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं।

 यूनियन पदाधिकारी वीके शर्मा के मुताबिक, देशभर में करीब 8 लाख बैंककर्मी इस हड़ताल में भाग ले रहे हैं।


मध्यप्रदेश में भी व्यापक असर

हड़ताल का असर मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई देगा। यहां लगभग 7 हजार बैंक शाखाएं बंद रहेंगी और करीब 40 हजार अधिकारी-कर्मचारी काम पर नहीं जाएंगे। सोमवार को भोपाल में यूनियन पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें हड़ताल को लेकर रणनीति तैयार की गई।


क्या है मुख्य मांग?

बैंककर्मियों की सबसे बड़ी मांग है कि बैंकिंग सेक्टर में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू किए जाएं। अभी केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश मिलता है, लेकिन यूनियन चाहती है कि सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित की जाए।


2015 से लंबित है मामला

वीके शर्मा ने बताया कि यह मांग कोई नई नहीं है।

वर्ष 2015 के द्विपक्षीय समझौते में इस पर सहमति बनी थी। उसी के बाद दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश मिला। बाकी शनिवारों को भी अवकाश देने पर आगे विचार करने का भरोसा दिया गया था।


प्रस्ताव बना, लेकिन मंजूरी नहीं मिली

2022 और 2023 में फिर चर्चा हुई, जिसमें यह प्रस्ताव रखा गया कि सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट कार्य समय बढ़ाकर सभी शनिवारों को अवकाश दिया जाए। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो सालों से इस पर कोई फैसला नहीं हुआ।


आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समाधान

यूनियनों का कहना है कि मार्च 2025 में प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल सरकार के आश्वासन पर टाल दी गई थी। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी वजह से बैंककर्मियों को फिर से हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

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