
जबलपुर के Bargi Dam में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। Mohan Yadav ने लापरवाही पर सख्त कदम उठाते हुए 5 कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी है।
9 मौतों के बाद सख्त कार्रवाई
इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। राहत टीमों ने 28 लोगों को सुरक्षित बचाया है। घटना गुरुवार शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान हुई, जब नर्मदा नदी में उठी ऊंची लहरों के कारण पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
किन-किन पर गिरी गाज?
सीएम ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि जिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गईं। वहीं मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया गया है और रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
“दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”
सीएम मोहन यादव ने साफ कहा है कि इस हादसे में जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी। इस बयान ने साफ कर दिया है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
पीड़ित परिवारों से मिले CM, भावुक दृश्य
सीएम खुद जबलपुर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मृतका नीतू सोनी के घर पहुंचने पर परिवार की बेटी फूट-फूटकर रो पड़ी। यह देख सीएम भी भावुक हो गए और उन्होंने बच्चों को गले लगाकर सांत्वना दी। इसके बाद वे हादसे में बचे रियाज हुसैन के घर भी पहुंचे—जहां दर्द और राहत, दोनों की कहानी सामने आई।
मुआवजे का ऐलान, PM ने भी जताया शोक
इस हादसे पर Narendra Modi ने शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख सहायता देने की घोषणा की है। वहीं राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। यह मदद राहत तो देगी, लेकिन हादसे के जख्म अभी भी गहरे हैं।
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