
जबलपुर। बरगी डैम क्रूज हादसा अब और भयावह होता जा रहा है। जबलपुर में हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 शव मिल चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। तेज हवाओं और लापरवाही के बीच हुई इस घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं।
हादसे की पूरी तस्वीर: कैसे डूबा क्रूज?
गुरुवार शाम करीब 5:45 बजे, बरगी डैम के बैकवॉटर में चल रहा मैकल क्रूज अचानक तेज हवाओं और ऊंची लहरों में फंस गया। देखते ही देखते क्रूज संतुलन खो बैठा और पानी में समा गया। इस क्रूज में 29 टिकट जारी हुए थे, लेकिन सवारियों की संख्या 40 से ज्यादा बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 10-11 लोग बिना टिकट सवार थे—यही सवाल अब जांच का बड़ा हिस्सा बन गया है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई अब भी लापता
अब तक इस हादसे में 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि आधिकारिक तौर पर 6 मौतों की पुष्टि की गई है। करीब 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन आधा दर्जन से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है। रेस्क्यू टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं, लेकिन हर घंटे के साथ उम्मीद और बेचैनी दोनों बढ़ रही हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन: पूरी ताकत झोंकी गई
घटना के बाद से NDRF, SDRF, होमगार्ड और पुलिस की टीमें मौके पर डटी हैं। शुक्रवार सुबह एक बार फिर सर्च ऑपरेशन तेज किया गया। जबलपुर कलेक्टर और एसपी खुद मौके पर मौजूद हैं और हर गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती घंटों में कई जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभाई।
सबसे बड़ी लापरवाही: लाइफ जैकेट तक नहीं
इस हादसे ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, क्रूज में बैठे यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। बताया जा रहा है कि केवल चालक के पास ही लाइफ जैकेट थी।
शादी की खुशियां मातम में बदली
दिल्ली से शादी में शामिल होने आया एक परिवार इस हादसे का शिकार हो गया। जूलियस अपनी पत्नी, बेटी-दामाद और बच्चों के साथ घूमने निकले थे। हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि बेटी और बच्चा अब भी लापता हैं।
अन्य पीड़ित परिवारों की दर्दनाक कहानी
तमिलनाडु से घूमने आए एक परिवार में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि बच्चे लापता हैं। वहीं जबलपुर के एक परिवार में भी एक महिला की जान गई और बच्चा लापता है। कई घायल अभी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
सीएम के निर्देश और मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही दो मंत्रियों को मौके पर भेजकर रेस्क्यू की निगरानी सुनिश्चित की गई है।
क्या ओवरलोडिंग वजह थी या मौसम?
दिलचस्प बात यह है कि क्रूज की क्षमता 90 यात्रियों की बताई जा रही है। ऐसे में तकनीकी तौर पर ओवरलोडिंग मुख्य कारण नहीं दिखती। लेकिन विशेषज्ञ मान रहे हैं कि मौसम का गलत आकलन और सुरक्षा की कमी इस हादसे की बड़ी वजह हो सकती है। प्रशासन ने मामले की गंभीर जांच के आदेश दे दिए हैं—अब सबकी नजर रिपोर्ट पर टिकी है।
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