
जबलपुर। बरगी डैम क्रूज हादसा अब दिल दहला देने वाली त्रासदी बन चुका है। जबलपुर में तेज आंधी के बीच डूबे इस क्रूज में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अब भी लापता हैं।
300 मीटर दूर डूबा क्रूज, 74 Km/h की रफ्तार से चली हवा
गुरुवार शाम करीब 5 बजे, पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक आई तेज आंधी में फंस गया। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जहां हवा की रफ्तार 74 किमी/घंटा तक पहुंच गई थी। कुछ ही मिनटों में क्रूज बेकाबू हुआ और पानी में समा गया—लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
क्षमता से ज्यादा सवारियां, टिकट सिर्फ 29 के
हादसे के वक्त क्रूज में 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों के ही जारी किए गए थे। यह बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर इतनी अतिरिक्त सवारियां कैसे चढ़ गईं। लापरवाही की यह परत अब जांच का अहम हिस्सा बनने वाली है।
9 मौतें, 4 लापता—बच्चे भी शामिल
अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन के अनुसार 28 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन अभी भी 4 लोग लापता हैं, जिनमें 3 बच्चे शामिल हैं। हर बीतते घंटे के साथ उम्मीद और डर दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
मां-बेटे की दिल दहला देने वाली कहानी
इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर एक मां और उसके बच्चे की है। मरीना मैसी ने अपने 4 साल के बेटे त्रिशान को बचाने के लिए उसे लाइफ जैकेट के अंदर सीने से चिपका लिया था। जब रेस्क्यू टीम ने दोनों को निकाला, तो वे एक-दूसरे से लिपटे हुए थे—यह दृश्य हर किसी को झकझोर गया।
पायलट का दावा: “संभलने का मौका नहीं मिला”
क्रूज पायलट महेश, जिनके पास 10 साल का अनुभव है, ने बताया कि सब कुछ अचानक हुआ। उनके मुताबिक सुरक्षा इंतजाम थे, लेकिन तेज तूफान ने क्रूज को पल भर में अनियंत्रित कर दिया।
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