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Basant Panchami 2026: धार में बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक साथ, प्रशासन अलर्ट, 8 हजार CRPF जवान तैनात होंगे

19 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Basant Panchami 2026: धार में बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक साथ, प्रशासन अलर्ट, 8 हजार CRPF जवान तैनात होंगे

Basant Panchami 2026: धार में बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक साथ, प्रशासन अलर्ट, 8 हजार CRPF जवान तैनात होंगे

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार में इस बार बसंत पंचमी को लेकर माहौल खासा संवेदनशील बना हुआ है। 23 जनवरी को पड़ने वाले इस पर्व के दिन ही शुक्रवार होने से जुमे की नमाज भी होगी। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। ‘मध्य प्रदेश की अयोध्या’ कहे जाने वाले धार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और दोनों समुदायों से लगातार संवाद बनाया जा रहा है।


प्रशासन क्यों हुआ सतर्क?

धार में बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने का संयोग पहले भी तनाव की वजह बन चुका है। साल 2006, 2013 और 2016 में ऐसे मौकों पर आगजनी, पथराव और कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी थी। पुराने अनुभवों को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से अलर्ट मोड में है। जिला प्रशासन हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों से लगातार बातचीत कर रहा है ताकि आपसी सौहार्द बना रहे और किसी तरह की अफवाह न फैले।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चप्पे–चप्पे पर नजर

शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। रविवार को करीब 2000 पुलिस जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला। पूरे शहर में 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और ड्रोन से भी निगरानी होगी। धार जिले में 2435 पुलिस अधिकारी–कर्मचारी तैनात रहेंगे, जबकि अतिरिक्त सुरक्षा के लिए CRPF के लगभग 8000 जवान मोर्चा संभालेंगे। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।


भोजशाला विवाद की जड़ क्या है?

धार की भोजशाला को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है।

हिंदू पक्ष इसे सरस्वती मंदिर मानता है, जहां कभी वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित थी।

मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है।

अदालत के आदेश के अनुसार मंगलवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू पूजा करते हैं।

शुक्रवार का दिन मुस्लिम समुदाय की नमाज के लिए तय है।

इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को होने से दोनों पक्षों की गतिविधियां एक ही दिन पड़ रही हैं, इसलिए तनाव की आशंका बढ़ गई है।


शांति बनाए रखने की अपील

प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पर्व आस्था का विषय है और इसे आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए। धार की परंपरा गंगा–जमुनी तहजीब की रही है और इसे कायम रखना सबकी जिम्मेदारी है।

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