मंगलवार, 28 जुलाई 2026
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नए साल 2026 में पेंशनधारकों को बड़ी राहत, 1200 रुपए तक बढ़ सकती है सामाजिक सुरक्षा पेंशन; कॉलेजों में ‘सार्थक ऐप’ से लगेगी हाजिरी

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नए साल 2026 में पेंशनधारकों को बड़ी राहत, 1200 रुपए तक बढ़ सकती है सामाजिक सुरक्षा पेंशन; कॉलेजों में ‘सार्थक ऐप’ से लगेगी हाजिरी

नए साल 2026 में पेंशनधारकों को बड़ी राहत, 1200 रुपए तक बढ़ सकती है सामाजिक सुरक्षा पेंशन; कॉलेजों में ‘सार्थक ऐप’ से लगेगी हाजिरी

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। नया साल 2026 प्रदेश के लाखों बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए खुशखबरी लेकर आ सकता है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वालों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार पेंशन की मौजूदा राशि बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है और विभागीय स्तर पर फाइलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री किसी भी समय इस पर बड़ा फैसला ले सकते हैं।

फिलहाल प्रदेश में अलग-अलग श्रेणियों में अधिकतम 600 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है, लेकिन नए प्रस्ताव के मुताबिक यह रकम 800 से 1200 रुपए प्रतिमाह तक बढ़ाई जा सकती है।


600 से सीधे 1200 तक! कैसे बढ़ेगी पेंशन राशि

मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने को लेकर विभाग लंबे समय से प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार के अंशदान में इजाफा होने के बाद पेंशन राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना है।

अभी तक अधिकतम 600 रुपए की पेंशन मिल रही है, जो महंगाई के इस दौर में काफी कम मानी जा रही है। यदि प्रस्ताव पर मुहर लग जाती है तो कुछ श्रेणियों में पेंशन 800 रुपए तक और गंभीर श्रेणियों में 1000 से 1200 रुपए प्रतिमाह तक की जा सकती है। इससे लाखों परिवारों की मासिक आमदनी में सीधा असर पड़ेगा और बुजुर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा।


दिव्यांगजनों के लिए रोजगार से लेकर स्मार्ट क्लास तक

पेंशन के साथ-साथ सामाजिक न्याय विभाग ने दिव्यांगजनों के लिए कई अहम काम भी गिनाए हैं। मंत्री ने बताया कि बीते समय में विभाग ने दिव्यांगजनों के लिए रोजगार योजनाएं, सहायक उपकरणों का वितरण, विशेष स्कूलों में स्मार्ट क्लास और स्किल ट्रेनिंग और पुनर्वास कार्यक्रम जैसी योजनाओं को जमीन पर उतारा है। सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन सिर्फ सहायता पर निर्भर न रहें, बल्कि आत्मनिर्भर बन सकें।


कॉलेजों में अब ‘सार्थक ऐप’ से लगेगी हाजिरी

प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाई और अनुशासन सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अगले सत्र से विद्यार्थियों की उपस्थिति अब ‘सार्थक ऐप’ से दर्ज की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि इस डिजिटल सिस्टम से क्लास बंक करने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी। सिर्फ हाजिरी ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा को रिसर्च से जोड़ने की भी तैयारी है। इसके तहत सभी पीजी कॉलेजों में रिसर्च सेंटर खोले जाएंगे, अतिथि विद्वानों को बाहर नहीं किया जाएगा, तकनीकी संस्थानों में एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी पढ़ाई जाएगी और सभी शासकीय तकनीकी कॉलेजों में ‘डिजिटल सेल’ बनेगा। इसके अलावा आयुष क्षेत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। सभी आयुष कॉलेजों को 100-100 सीटों वाला बनाया जाएगा और उज्जैन में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना होगी।


मत्स्य उत्पादन में उछाल, अब पर्यटन से भी जुड़ेगा

प्रदेश में मत्स्य उत्पादन के मोर्चे पर भी सरकार को बड़ी सफलता मिली है। मछुआ कल्याण राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने बताया कि बीते दो साल में मत्स्य उत्पादन को 3.41 लाख टन से बढ़ाकर 4.45 लाख टन कर दिया गया है। सरकार अब इस सेक्टर को पर्यटन से भी जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए इंटीग्रेटेड एक्वापार्क, टनल एक्वेरियम, रिसर्च व इनक्यूबेशन यूनिट और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं। इससे न सिर्फ मछुआरों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। मत्स्य महासंघ ब्रांडिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग को भी बढ़ावा दे रहा है।


2026 में बदलती तस्वीर

कुल मिलाकर नया साल 2026 प्रदेश के लिए सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार – तीनों मोर्चों पर बड़े बदलाव लेकर आ सकता है। पेंशनधारकों को राहत, छात्रों को डिजिटल अनुशासन और मछुआरों को बेहतर आमदनी – सरकार की ये योजनाएं जमीन पर उतरती हैं तो इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।

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